Dec ०६, २०१९ १६:११ Asia/Kolkata
  •  मोसाद सब से ज़्यादा खूबसूरत लड़कियों का प्रयोग करता है... इस्राईल की विदेशमंत्री ने कितने फिलिस्तीनी नेताओं से संबंध स्वीकारा था? इस्राईली रिपोर्ट में कई रहस्यों से हटा पर्दा।

इस्राईल में प्रकाशित होने वाली एक रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलिस्तीनी संगठन हमास ने खान युनुस में इस्राईली कंमाडोज़ कार्यवाही नाकाम बनाने के दौरान कई ऐसे रहस्य का पता लगा लिया जिससे इस्राईल के खुफिया तंत्रों की कार्यशैली और जासूसी के लिए खूबसूरत लड़कियों के इस्तेमाल का पता चलता है।

इस्राईली ज़िम्मेदारों का यह मानना है कि खूबसूरत महिलाएं, बड़ी आसानी से किसी भी काम को पूरा कर सकती हैं यही वजह है कि मोसाद में महिला यूनिट अलग से है।

     इस्राईली न्यूज़ वेब साइट " वाला" पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में इस्राईल के सैन्य मामलों के विशेषज्ञ " एमीर बूहबूत" ने, मोसाद की जासूस लड़कियों की यूनिट में काम कर चुके एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि "  लड़कियां दूसरों की तुलना में ज़्यादा आसानी से दुश्मनों में घुसपैठ कर लेती हैं और काफी दिनों तक उनका राज़ छुपा भी रहता है क्योंकि उन पर कम ही संदेह किया जाता है। दर अस्ल महिलाओं में अंजान बनने और छुपाने की क्षमता बहुत अधिक होती है जिसकी वजह से जासूसी के लिए वह बेहद उपयोगी  होती हैं। जैसा कि सड़क पर अगर एक महिला और पुरुष साथ साथ चल रहे हैं तो उन पर साथ में चलने वाले दो पुरुषों की तुलना में कम शक किया जाता है। महिला जासूसों के लिए ज़रूरी नहीं है कि उनका उंगली हमेशा ट्रेगर पर हो और यह साबित हो गया है कि सूचनाएं एकत्रित करने में महिलाएं , पुरुषों से काफी आगे हैं। "

     इस इस्राईली रिपोर्ट में बताया गया है कि इस्राईल की खुफिया एजेन्सी मोसाद, दुनिया में सब से अधिक महिलाओं का प्रयोग करती है। इस्राईल की आंतरिक सुरक्षा एजेन्सी " शाबाक " की वेबसाइट पर तो छात्राओं से सहयोग मांगा गया है और बताया गया है कि उन्हें 8 महीने की ट्रेनिंग भी  दी जाएगी।

     मोसाद के लिए काम करने वाली इन महिलाओं  को हर तरह के काम की ट्रेनिंग दी जाती है। सन 2010 में मोसाद ने हमास के नेता " महमूद अलमबहूह " की यूएई के एक होटल में हत्या कर दी थी। एयरपोर्ट और होटल में लगे सीसी टीवी फुटेज देखने के पता चलता है कि मोसाद के इस अभियान में कई महिलाएं भी शामिल थीं।    

      इस्राईल में प्रकाशित होने वाली इस रिपोर्ट में मोसाद के कई मशहूर अभियानों का उल्लेख किया गया है जिनमें उसने महिलाओं को इस्तेमाल किया था। रिपोर्ट के अनुसार मोसाद के लिए काम करने वाले यह लड़कियां, विदेशों में तैनात की जाती हैं, कुछ को तो दुश्मन देशों में भेजा जाता है ताकि वह सुरक्षा संबंधी मालूमात एकत्रित करें या फिर किसी खुफिया अभियान की  भूमिका तैयार करें। इस्राईल में इस प्रकार की महिलाओं की बात बहुत की जाती है लेकिन कभी उनका नाम प्रकट नहीं किया जाता क्योंकि इस्राईल के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस से इस्राईल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती।  

ज़ेपी लिव्नी

 

     लेकिन इस्राईल के इतिहास में पहली बार यह हुआ कि मोसाद के लिए काम करने वाली 5 महिलाएं सामने आ गयीं और उन्होंने बता दिया कि वह खुफिया एजेन्सी मोसाद के लिए काम कर चुकी हैं। इस्राईली समाचार पत्र " यदीऊत अहरोनूत" ने इन पांचों महिलाओं के बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

     " ईफरात" नामक एक महिला जासूस ने बताया कि वह महत्वपूर्ण लोगों को प्रेमजाल में फंसाती थी और सूचनाएं एकत्रित करती थी और इस से अधिक उसे बताने की अनुमति नहीं है वर्ना मोसाद उसे जान से मार देगा। इसी प्रकार " एयाला" नामक जासूस ने समाचार पत्र को बताया कि सूचनाएं लेने के लिए जो कुछ उसे करना पड़ता था उसका उसके निजी जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता था। उसने बताया कि किस तरह से वह रात के अंधेरे में अपने पति और बच्चों को सोता छोड़ कर आंसू भरी आंखों से घर से निकलती थी।

     याद रहे इस्राईल में कई मंत्री पदों पर रह चुकी " ज़िपी लिव्नी " मोसाद की बहुत मशहूर जासूस रह चुकी हैं। उन्होंने सेना से रिटायर्मेंट के बाद मोसाद के लिए काम किया और सन 1980 से 1984 के बीच अधिकांश युरोपीय देशों में मोसाद के लिए काम किया। उन पर पेरिस में एक फ्लैट में एक इराक़ी परमाणु वैज्ञानिक की हत्या का भी आरोप है।

     कुछ वर्ष पहले जब ज़ेपी लिव्नी इस्राईल की विदेशमंत्री थीं तो यह बयान देकर हंगामा मचा दिया था कि उन्होंने फिलिस्तीन के दो नेताओं के साथ शारीरिक संबंध बनाए और जिस कमरे में यह काम किया वहां पहले से ही खुफिया कैमरे लगा रखे थे और इस समय भी वह वीडियो क्लिप उनके पास मौजूद है।

     उन्होंने बताया था कि " साइब उरैक़ात " और " यासिर अब्द रब्बे" से उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए थे। यह दोनों फिलिस्तीनी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी हैं।

     इस्राईल की तत्कालीन विदेशमंत्री " जेपी लिवनी" ने यह बयान उस समय दिया था जब एक यहूदी धर्मगुरु ने कहा था कि इस्राईल की लड़कियां मालूमात हासिल करने के लिए दुश्मनों के साथ शारीरिक संबधं बना सकती हैं। (Q.A.) 

साभार, रायुल यौम, लंदन

 

 

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