Dec ०७, २०१९ १९:५८ Asia/Kolkata
  • जब पड़ोसी अरब देशों ने पूर्ण रूप से हुक्क़ा-पानी बंद कर दिया था, तो सिर्फ़ ईरान ऐसा पड़ोसी देश था, जिसने हमारे लिए अपना आसमान खोल दिया, क़तर

क़तर के विदेश मंत्री का कहना है कि उनका देश सऊदी अरब के साथ मौजूदा संकट को समाप्त करने के लिए वार्ता कर रहा है, लेकिन मुश्किल घड़ी में ईरान के साथ को वह कभी नहीं भूलेगा।

क़तर के विदेश मंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान अल-सानी का कहना था कि सऊदी अरब के साथ वार्ता की शुरूआत के बाद उन्हें आशा है कि फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों के बीच राजनीतिक संकट का समाधान निकाल लिया जाएगा।

ग़ौरतलब है कि 17 जून 2017 को सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात और बहरैन ने मिस्र के साथ मिलकर क़तर की ज़मीनी, हवाई और समुद्री नाकाबंदी कर दी थी और बहरैन से अपने कूटनीतिक संबंध तोड़ लिए थे।

क़तर का बहिष्कार करने वाले उसके अरब देशों का आरोप था कि दोहा आतंकवादी गुटों का समर्थन कर रहा है और उसके मुस्लिम ब्रदरहुड और ईरान से संबंध हैं। इसी तरह से इन देशों ने क़तर के सामने अल-जज़री टीवी चैनल को बंद करने समेत 13 शर्तें रखी थीं।

हालांकि ईरान ने क़तर को अपनी वायु सीमा का इस्तेमाल करने की अनुमति देकर दोहा को आत्मसमर्पण करने की सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों की कोशिशों पर पानी फेर दिया था।

क़तरी विदेश मंत्री का कहना था कि ईरान ने बहुत ही कठिन परिस्थितियों में हमारा साथ दिया और हम भी ईरान के साथ एक अच्छे पड़ोसी की तरह व्यवहार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि क़तर के लोग यह कभी नहीं भूल सकते कि जब समस्त अरब पड़ोसी देशों ने उनके देश का बहिष्कार किया तो ईरान ने दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाया और अपना आसमान उसके लिए खोल दिया।

शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान अल-सानी ने यह भी उल्लेख किया है कि सऊदी अरब के साथ सीधी वार्ता शुरू होने पर रियाज़ ने रिश्तों की बहाली के लिए अब कोई शर्त नहीं रखी है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच विभिन्न स्थानों पर कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन उन्होंने इस रिपोर्ट की पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि ख़ुद उन्होंने हाल ही में रियाज़ की यात्रा की थी।

वाल स्ट्रीट जॉरनल ने रिपोर्ट दी थी कि क़तरी विदेश मंत्री ने अक्तूबर में सऊदी अरब की ख़ुफ़िया यात्रा की थी। इस यात्रा में उन्होंने सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात करके वर्तमान संकट का समाधान खोजने पर विचार विमर्श किया था।

सऊदी किंग सलमान ने क़तरी अमीर को रियाज़ में फ़ार्स खाड़ी के देशों की बैठक में भाग लेने के लिए संदेश भेजा है, जिससे पता चलता है कि सऊदी अरब ने पड़ोसी देशों के साथ हठधर्मी छोड़कर अपने रवैये में काफ़ी हद तक नर्मी की है। msm

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