Feb १३, २०२० १६:०९ Asia/Kolkata

हिज़्बुल्लाह लेबनान के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह की एक कल्पना !

अभी हालिया दिनों में एक पत्रकार ने हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह से विस्तार से बात की है जिसमें एक स्थान पर शहीद क़ासिम सुलैमानी के बारे में पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए सैयद हसन नसरुल्लाह कहते हैं कि एक दिन मैं नमाज़ के बाद दुआएं पढ़ रहा था तो अचानक मेरे दिमाग में यह ख्याल आया कि मतलब मैंने कल्पना की कि मान लो मौत का फरिश्ता मेरे पास आता है और कहता है कि मैं ईरान जा रहा हूं और मुझे क़ासिम सुलैमानी की आत्मा उनके शरीर से निकालनी है लेकिन इस मामले ने ईश्वर में एक विकल्प दिया और कहा कि हसन नसरुल्लाह के पास जाओ और उससे कहो कि अगर वह क़ासिम सुलैमानी की मौत टालना चाहता है तो एक रास्ता है। ... इतना कहने के बाद सैयद हसन नसरुल्लाह का गला भर आता है। ... फिर वह कहते हैं ... रास्ता यह है कि क़ासिम सुलैमानी की बजाए तुम्हारी आत्मा शरीर से निकाली जाए! मैं इस दृश्य की कल्पना कर रहा था और सोच रहा था कि अगर ऐसा हो जाए तो मैं मौत के फरिश्ते को क्या जवाब दूंगा? निश्चित रूप से मैं उससे यही कहता ... मुझे मौत दे दे ... हाज क़ासिम सुलैमानी को छोड़ दे ! Q.A.

 

 

 

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