Feb १५, २०२० २०:३५ Asia/Kolkata
  • सऊदी जेट गिराने की यमन ने ली ज़िम्मेदारी, बौखलाए सऊदी अरब ने 30 नागरिकों की हत्या कर दी

अंसारुल्लाह आंदोलन (अल-हौसी) ने यमन में सऊदी सैन्य विमान को मार गिराने की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली है।

इससे पहले सऊदी नेतृत्व वाले यमन विरोधी सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालेकी ने स्वीकार किया था कि शुक्रवार को आधी रात के दौरान एक अभियान में शामिल टोरनाडो लड़ाकू विमान गिरकर तबाह हो गया है।

पिछले पांच वर्षों से सऊदी अरब द्वार थोपे गए युद्ध में लोहा ले रहे यमन के जन आंदोलन अंसारुल्लाह ने सऊदी लड़ाकू विमान को मार गिराने की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है।

अल-मसीरा टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक़, सऊदी जेट को सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल से अल-जॉफ़ शहर के ऊपर मिरा गिराया गया।

ग़ौरतलब है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान सऊदी अरब ने अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर यमन में अभूतपूर्व तबाही मचाई है।

हालांकि पिछले एक दो साल के दौरान, यमनी सेना और अंसारुल्लाह आंदोलन ने युद्ध के मोर्चे पर और सऊदी अरब के भीतर कुछ ऐसे हमले किए हैं, जिससे शक्ति का संतुलन काफ़ी हद तक बदल गया है और यमन अब सऊदी अरब पर भारी पड़ रहा है।

पिछले साल सितम्बर में सऊदी तेल कंपनी अरामको पर यमन ड्रोन और हवाई हमलों से फ़ार्स खाड़ी के अरब देश दहशत में आ गए थे और सऊदी अरब को अरबों डॉलर का नुक़सान उठाना पड़ा था।

अंसारुल्लाह द्वारा जेट विमान मार गिराए जाने के बाद शनिवार को सऊदी लड़ाकू विमानों ने जॉफ़ पर भीषण बमबारी करके कम से कम 30 यमनी नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया है।

सऊदी अरब शुरूआत से ही यमन के आधारभूत ढांचे और आम नागरिकों को निशाना बना रहा है।

यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सऊदी लड़ाकू विमान लगातार इलाक़े में उड़ानें भर रहे हैं, जिसके कारण हमले में घायल होने वालों तक मदद पहुंचाने में दिक़्क़त पेश आ रही है। msm

टैग्स

कमेंट्स