Feb २२, २०२० १८:३४ Asia/Kolkata
  • क्या तुर्की, तीसरे विश्व युद्ध की शुरूआत के लिए रूस के ख़िलाफ़ अमरीका को खींच रहा है

सीरिया में दो बड़ी शक्तियों के बीच टकराव में दो और तुर्क सैनिकों की मौत हो गई है।

सीरियाई सेना रूस के समर्थन से आतंकवादी गुटों के अंतिम गढ़ इदलिब में दिन प्रतिदिन प्रगति कर रही है और तुर्की की सीमा के बहुत निकट पहुंच चुकी है।

तुर्की ने अमरीका से मदद की गुहार लगाई है, अमरीका ने भी तनाव बढ़ाने के लिए तुर्की की मदद सहायता में दिलचस्पी दिखाई है।

क्षेत्र में अमरीका की भूमिका के बारे में ताज़ा चिंताएं गुरुवार को उस वक़्त शुरू हुईं, जब रूसी या सीरियाई वायु सेना के हवाई हमलों में तुर्क सैनिकों की मौत के बाद अंकारा ने रूस का मुक़ाबला करने के लिए अमरीका से विमान-रोधी मिसाइलों को तैनात करने और तुर्की की वायु सीमा में हवाई गश्त शुरू करने की मांग की।

नाटो के हस्तक्षेप की संभावना ने सीरिया में अमरीकी विदेश मंत्रालय और पेंटागन के बीच मतभेदों को उजागर किया है। इसलिए कि तुर्क सेना ने रूस से मिसाइल रक्षा प्रणाली की प्राप्ति के बाद अमरीकी समर्थित कुर्द मिलिशियाओं के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया, लेकिन इसके बावजूद वाशिंगटन में अमरीकी विदेश मंत्रालय तुर्की का सबसे क़रीबी सहयोगी बना रहा।

बुधवार को पेंटागन के प्रवक्ता जोनाथन हाफ़मैन ने कहा थाः हम देख रहे हैं कि तुर्क और रूसी क्षेत्र में टकराव के काफ़ी क़रीब पहुंच चुके हैं। हमें आशा है कि टकराव को रोकने के लिए वे कोई समाधान निकाल लेंगे।

अमरीका के विदेश मंत्रालय ने फ़रवरी के शुरू में इदलिब में तुर्की समर्थित आतंकवादियों के समर्थन का संकेत दिया था।

2 फ़रवरी को अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि हम अपने नाटो सहयोगी तुर्की के साथ खड़े हैं और अपनी रक्षा में की गई तुर्की की कार्यवाही को सही मानते हैं। 11 फ़रवरी को सीरियाई मामलों में अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि जेम्स जैफ़री ने अंकारा की यात्रा की थी, जहां उन्होंने कहा था कि आज, इदलिब में हमारे सहयोगी तुर्की के सैनिकों को ख़तरे का सामना है।

गुरुवार को भी वाशिंगटन में एक प्रेस कांफ़्रेंस के दौरान, अमरीकी विदेश मंत्रालय के पूर्व दो अधिकारियों ने रूस के मुक़ाबले में अमरीका से तुर्की की मदद करने की मांग कर डाली।

इन समस्त घटनाक्रमों के बीच, तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान को क़रीब से जानने वालों का मानना है कि यह बात सही है कि तुर्की को उत्तरी सीरिया में एक मुश्किल घड़ी का सामना है, लेकिन अर्दोगान एक होशियार राजनेता हैं और अंतिम समय में वह सही फ़ैसला लेने की योग्यता रखते हैं।

उत्तरी सीरिया में तुर्की के सैनिक मौजूद हैं और अर्दोगान वहां बने रहने के लिए अमरीका समेत हर कार्ड खेलने की कोशिश करेंगे, लेकिन जब देख लेंगे कि रूस और सीरिया से टकराव टालना संभव नहीं है, तो वे आख़िरी समय में सीरिया से अपने सैनिक निकाल लेंगे। msm

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