Mar २६, २०२० १५:०२ Asia/Kolkata
  • कोरोना VS हिज़्बुल्लाह, कई फ़ील्ड अस्पतालों का निर्माण, 1,500 डॉक्टर और 3,000 नर्सों की तैनाती

लेबनान के इस्लामी आंदोलन हिज़्बुल्ला की कार्यकारी परिषद के प्रमुख सैय्यद हाशिम सफ़ीउद्दीन का कहना है कि महामारी एक वास्तविक जंग है, इसलिए हमें इसका मुक़ाबला भी एक योद्धा की मानसिकता के साथ ही करना चाहिए।

कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में हिज़्बुल्लाह की रणनीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहाः हमने लोगों की सहायता के लिए 1,500 डॉक्टरों, 3,000 नर्सों और 20,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को तैनात किया है।

हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी का यह भी कहना था कि इस जंग में हमारी भूमिका सरकारी तंत्र के सहयोगी की है न कि उसका स्थान लेने की।

उन्होंने बताया कि फ्रंटलाइन पर रहने वाले इस्लामी प्रतिरोधी मेडिक्स इस अभियान में भी फ़्रंट पर हैं।

लेबनान में अब तक कोरोना वायरस के 333 मामले दर्ज किए गए हैं और इस महामारी की चपेट में आकर अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है।

हिज़्बुल्लाह और उसके सहयोगियों के समर्थन से बनने वाली नई सरकार ने देश में चिकित्सा आपातकाल की घोषणा कर रखी है।

हिज़्बुल्लाह ने बेरूत स्थित अपने एक अस्पताल को भी कोरोना वायरस के रोगियों के लिए समर्पित कर दिया है, इसके अलावा रोगियों के इलाज के लिए 4 अस्पतालों को किराए पर लिया है, देश भर में 32 चिकित्सा केंद्र तैयार किए हैं और ज़रूरत पड़ने पर तीन फ़ील्ड अस्पतालों के निर्माण की योजना तैयार कर ली है।

सफ़ीउद्दीन का कहना था कि हिज़्बुल्लाह ने संक्रमितों को कोरंटीन या अलग-थलग रखने के लिए कई होटल भी किराए पर लिए हैं।

लेबनान की नई सरकार में हिज़्बुल्लाह ने स्वास्थ्य मंत्रालय की ज़िम्मेदारी संभाली है, जिससे सरकार में उसके प्रभाव का पता चलता है।

सफ़ीउद्दीन का कहना था कि उनका आंदोलन सरकारी अस्पतालों में भी दवाईयों और चिकित्सा उपकरणों के साथ ही डॉक्टरों और नर्सों को उपलब्ध करा रहा है।

उन्होंने कहाः संकटों के प्रबंधन और युद्धों के प्रबंधन में अंतर नहीं है। msm

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