May २०, २०२० २०:२८ Asia/Kolkata

यह गज़्ज़ा है, जेहाद और प्रतिरोध की धरती है। यहां प्रतिरोध के जियाले क़ुरआन पर विश्वास और हाथों में हथियार लेकर इस बात पर बल देते हैं कि, वह केवल क़ुरआन और अपनी ईमान की शक्ति पर विश्वास रखते हैं और अरब देशों पर उन्हें भरोसा नहीं है क्योंकि उन्होंने अमेरिका की ग़ुलामी स्वीकार कर ली है। प्रतिरोध के जियाले दुश्मनों की हर चाल पर पैनी नज़र रखे हुए हैं। प्रतिरोध के जियाले फ़िलिस्तीन की रक्षा क़ुरआन के बताए रास्ते पर चलकर कर रहे हैं।

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