May २४, २०२० १५:२९ Asia/Kolkata
  • ईरानी जहाज़ को दी वेनेज़ोएला के युद्धक विमानों ने सलामी... अमरीकी युद्धपोत हटा पीछे... इस्राईल में हंगामा, कहा अमरीका व ईरान टकराए तो हम पर होगी मिसाइलों की बारिश..

अमरीका के लाख विरोध और अमरीकी युद्धपोतों के सामने ही ईरान वेनेज़ोएला के लिए पेट्रोल लेकर जाने वाले ईरानी तेलवाहक जहाज़ों के कारवां का पहला जहाज़ " फार्चून" वेनज़ोएला पहुंच गया है।

 

खबरों के मुताबिक एक अमरीकी युद्धपोत ईरानी तेल वाहक जहाज़ का पीछा कर रहा था लेकिन जब वह वेनेज़ोएला की समुद्री सीमा में पहुंचा तो अमरीकी युद्धपोत ने उसका पीछा करना छोड़ दिया।

     वेनेज़ोएला की सीमा में घुसते ही इस देश की नौसेना के युद्धपोतों और वायु सेना के कई युद्धक विमानों ने ईरानी जहाज़ फार्चून का स्वागत किया और उसे  बंदरगाह तक पहुंचाया।

     ईरान और वेनेज़ोएला पर अमरीका ने प्रतिबंध लगा रखा है और पुंजीनिवेश के आभाव की वजह से वेनेज़ोएला में ईंधन की भारी कमी हो गयी है जिसके बाद ईरान ने अपने पांच तेल वाहक ज़हाज़ वेनेज़ोएला रवाना किये थे जिनमें से एक वेनेज़ोएला पहुंच चुका है और चार पहुंचने वाले हैं।

     अमरीका ने ईरानी जहाज़ों को रोकने की धमकी दी थी और अपने युद्धपोत भी कैरेबियन सी में भेज दिया था लेकिन ईरान और वेनेज़ोएला ने खुल कर कहा था कि अगर इन जहाज़ों  को रोका गया तो इसे युद्ध का एलान समझा जाएगा और उचित जवाब दिया जाएगा।

     फिलहाल तो अमरीकी  युद्धपोत पीछे हट गया है लेकिन अभी ईरान के चार अन्य तेल वाहक जहाज़ वेनेज़ोएला के रास्ते में हैं इस लिए अब भी टकराव की स्थिति बनी हुई है।

      इस दौरान ईरान व अमरीका के बीच किसी भी टकराव की आशंका से इस्राईल में चिंता की लहर दौड़ गयी है। इस्राईल के सरकार से निकट  टीवी चैनल 11 की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस्राईली सेना में विशेषज्ञों का कहना है कि फार्स की खाड़ी, इराक़ या कहीं और अगर ईरान और अमरीका टकराते हैं तो हिज़्बुल्लाह उस पर प्रतिक्रिया प्रकट करेगा और इस्राईल पर हमला कर देगा लेकिन इसके साथ ही इन विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि हमले की आशंका में हिज़्बुल्लाह पर पहले ही हमला कर देना, इस्राईल की बड़ी भूल होगी।

 

     इस्राईली टीवी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस्राईली सेना ने हालिया दिनों में लेबनानी सीमा पर हिज़्बुल्लाह की गतिविधियों में तेज़ी देखी है विशेषकर उन इलाक़ों में जहां सीमा पर सुरक्षा दीवार नहीं बनायी गयी है।

     रिपोर्ट के अनुसार इस्राईली सेना ने यह भी नोट किया है कि सीमा के निकट हिज़्बुल्लाह की गश्त में भी वृद्धि हुई है। इसराईली सेना के अनुमान के अनुसार अगर सैन्य टकराव हुआ तो हिज़्बुल्लाह शुरु में ही बड़ी कामयाबी हासिल करने की कोशिश करेंगे, जिसके लिए वह निरंतर गोलाबारी और अपने लड़ाकों को प्रयोग करेंगे जिनकी संख्या हज़ारों में है। इस्राईली सेना के अनुसार सीरिया के युद्ध में शामिल होने की वजह से हिज़्बुल्लाह की सैन्य क्षमता में असाधारण रूप से वृद्धि हो गयी है और अब यह संगठन, रक्षात्मक पोज़ीशन से निकल कर आक्रामक पोज़ीशन में पहुंच चुका है और इस्राईली खुफिया एजेन्सियों के अनुसार हिज़्बुल्लाह के सदस्यों का युद्ध कौशल कई गुना बढ़ गया है। इसके अलावा हिज़्बुल्लाह के पास बड़ी संख्या में मिसाइल हैं जो किसी भी टकराव की स्थिति में इस्राईल पर बरसाए जाएंगे। इस्राईली  रिपोर्ट के अनुसार इन मिसाइलों का निशाना भी बेहद सटीक है। 

     कैरेबियन सागर में ईरान व अमरीका के बढ़ते तनाव से फार्स की खाड़ी और मध्य पूर्व में हलचल स्वाभाविक है जैसा कि अलमयादीन टीवी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कैरेबियन सागर में ईरानी जहाज़ों के खिलाफ अगर अमरीका ने कोई कार्यवाही की तो वहां शायद ईरान के लिए जवाब देना कठिन होगा लेकिन ईरान के पास दो बहुत अहम रास्ते हैं। अलमयादीन टीवी चैनल के अनुसार ईरान पहले तो संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतरराष्ट्रीय कानून का सहारा लेकर अमरीका के खिलाफ कार्यवाही करेगा क्योंकि अमरीका जिन प्रतिबंधों के बहाने वेनेज़ोएला जाने वाले ईरानी तेल वाहक जहाज़ों के खिलाफ सैन्य कार्यवाही की धमकी दे रहा है वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से मान्य नहीं हैं और ईरान, अतंरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, वेनेज़ोएला को ईंधन बेच सकता है और ईरान पूरी तरह से कानून का पालन करते हुए ईंधन वेनेज़ोएला पहुंचा रहा है। इस दशा में अगर अमरीका ईरान के खिलाफ कार्यवाही करता है तो फिर ईरान कानूनी कार्यवाही के अलावा, फार्स की खाड़ी में भी उसके खिलाफ सैन्य कार्यवाही कर सकता है जो एक भयानक टकराव में भी बदल सकता है।

     अलमयादीन ने लिखा है कि ईरान, हुरमुज़ स्ट्रेट में अमरीका के खिलाफ जवाबी कार्यवाही कर सकता है जहां से पूरी दुनिया को तेल की सप्लाई होती है और अगर युद्ध की स्थिति में यह रास्ता बंद हो जाएगा जिससे पूरी दुनिया में हाहाकार मच सकता है।  ज़ाहिर सी बात है हुरमुज़ स्ट्रेट में शुरु होने वाला टकराव वहीं तक सीमित नहीं रहेगा और इस युद्ध की  चिंगारी इलाक़े में कहीं भी किसी भी देश में आग लगा सकती है। इस्राईल में इसी लिए खलबली है क्योंकि ईरान व अमरीका में टकराव की दशा में उसे अपने लिए सब से अधिक खतरा महसूस हो रहा है। खैर फिलहाल तो ईरान का फार्चून तेल वाहक जहाज़ शान के साथ और भव्य स्वागत के बीच सीना ताने वेनेज़ोएला पहुंच चुका है और अमरीकी युद्धपोत खड़े मुंह ताकते  रहे गये, शायद अमरीका में यही समझ रहा होगा कि कैरेबियन सागर में ईरानी जहाज़ को अगर छुआ गया तो उससे, फार्स की खाड़ी में जो तूफान उठेगा, उसे संभालना शायद उसके लिए मुश्किल हो Q.A.

 

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