May २६, २०२० ०८:२४ Asia/Kolkata
  • क़ुद्स की आज़ादी के बाद नसरुल्लाह की इमामत में नमाज़... हनीया, बश्शार असद और अब्दुल मलिक अलहौसी ने भी पढ़ी नमाज़, बादलों से क़ासिम सुलैमानी ने देखा यह हसीन नज़ारा!

इस्लामी गणतंत्र ईरान ग़ैर क़ानूनी सरकार इस्राईल के ख़िलाफ़ मनोवैज्ञानिक युद्ध पूरी शक्ति से लड़ रहा है। एक तरफ़ जहां ईरान ने इस्राईल की संवेदनशील वेबसाइटों पर साइबर अटैक किए हैं वहीं दूसरी ओर सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनई की वेबसाइट ने मनोवैज्ञानिक युद्ध के तहत एक तसवीर प्रकाशित की है जिस पर लिखा है कि बहुत जल्द हम क़ुद्स में नमाज़ अदा करेंगे।

आयतुल्लाह ख़ामेनई की फ़ार्सी भाषा की वेबसाइट ने एक पोस्टर प्रकाशित किया है जिसमें इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे की कई महान हस्तियों को क़ुद्स में सैयद हसन नसरुल्लाह की इमामत में नमाज़ अदा करते दिखाया गया है। इन हस्तियों का संबंध अलग अलग देशों से है और वह सब एक साथ क़ुद्स में नमाज़ अदा कर रही हैं जबकि उनके पीछे मस्जिदुल अक़सा का गुंबद दिखाई दे रहा है।

पोस्टर में दिखाया गया है कि सैयद हसन नसरुल्लाह के पीछे नमाज़ पढ़ने वालों में फ़िलिस्तीनी संगठन हमास के नेता इसमाईल हनीया और उनके पास ही क़ुद्स के मुफ़्ती मुहम्मद अहमद हुसैन हैं। सैयद हसन नसरुल्लाह के दाहिने ओर बहरैन के वरिष्ठ संघर्षकर्ता धर्मगुरू शैख़ ईसा क़ासिम हैं।

दूसरी पंक्ति में फ़िलिस्तीन के जेहादे इस्लामी संगठन के नेता ज़ियाद नुख़ाला नज़र आ रहे हैं और क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर इसमाईल क़ाआनी भी खड़े हैं जिन्होंने शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की जगह क़ुद्स फ़ोर्स की कमान संभाली है। इस पंक्ति में यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रमुख अब्दुल मलिक अलहौसी भी खड़े दिखाई देते हैं।

तीसरी पंक्ति में सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद नमाज़ अदा कर रहे हैं। जनरल क़ासिम सुलैमानी को बादलों के रूप में दिखाया गया है जो नमाज़ियों को नमाज़ अदा करते हुए देख रहे हैं।

इस पोस्टर ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है क्योंकि इसमें फ़िलिस्तीन की आज़ादी के बाद के लम्हे दिखाए गए हैं। ट्वीटर पर कुछ एकाउंट्स ने विवादित बातें लिखी हैं और हाशिए वाली बहसें उठाने की कोशिश कीं और इस तरह के सवाल उठाए हैं कि किस नेता को किस पंक्ति में और किस स्थान पर रखा गया है।

राष्ट्रपति बश्शार असद तीसरी पंक्ति में दिखाए गए हैं लेकिन इसका यह मतलब हरगिज़ नहीं है कि वह फ़िलिस्तीन की लड़ाई लड़ने वालों में पीछे हैं बल्कि इसका संदेश यह है कि वह संघर्षकर्ताओं के सपोर्ट में खड़े हैं। बश्शार असद अकेले अरब राष्ट्राध्यक्ष हैं जो संघर्षकर्ताओं में शामिल हैं।

आयतुल्लाह ख़ामेनई की वेबसाइट ने एक और पोस्टर भी प्रकाशित किया गया है जिसमें फ़िलिस्तीन की आज़ादी के बाद लोगों को जश्न मनाते हुए दिखाया गया है। जश्न मनाने वाले इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे में शामिल संगठनों के ध्वज उठाए हुए हैं और अंग्रेज़ी भाषा में यह वाक्य लिखा है कि फ़िलिस्तीन बहुत जल्द आज़ाद होगा।

ख़ालिद अलजयूसी

फ़िलिस्तीनी पत्रकार

 

 

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