Jun ०१, २०२० १६:२३ Asia/Kolkata

लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुलयौम ने अपनी एक रिपोर्ट में इस्राईल में सैयद हसन नसरुल्लाह के खिलाफ नये प्रचारिक युद्ध पर चर्चा की है।

लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन को बदनाम करने के लिए इस्राईल की प्रोपगंडा मशीन फिर हरकत में आ गयी है। इस्राईल, विशेषकर हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह को  निशाना बना रहा है।

          इस्राईल के उच्च राजनीतिक व सुरक्षा सूत्रों ने अब यह कहना शुरु कर दिया है कि वह जब भी हसन नसरुल्लाह की हत्या करना चाहे तो कर सकता इसके साथ ही यह भी कहा कि इस बात की सैयद हसन नसरुलल्लाह को अच्छी तरह से जानकारी भी है और वह यह भी जानते हैं कि इस्राईल उनकी हत्या क्यों नहीं कर रहा है? यह बयान इस्राईली समाचार पत्र यदीऊत अहारोनूत के मध्य पूर्व के रिपोर्टर की रिपोर्ट में सामने आया है।

     यह बयान ऐसी हालत मे दिया गया है कि अभी कुछ दिन पहले इस्राईल के वरिष्ठ जनरल ने कहा था कि हसन नसरुल्लाह इस्राईल के दुश्मन हैं और अगर अगले किसी युद्ध में इस्राईल के लिए हसन नसरुल्लाह की हत्या करना संभव होगा तो वह हिज़्बुल्लाह के खिलाफ युद्ध जीत लेगा। इसके साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि इस्राईल ने लगातार तीसरे साल ईरान और गज़्ज़ा में सक्रिय फिलिस्तीनी संगठनों के साथ ही सैयद हसन नसरुल्लाह को इस्राईल का सब से बड़ा दुश्मन घोषित किया है।

हसन नसरुल्लाह अमरीका, सऊदी अरब व इस्राईल की आंखों का कांटा हैं। 

 

     इस्राईली समाचार पत्र यदीऊत अहारोनूत के अनुसार लेबनान में सैयद हसन नसरुल्लाह की लोकप्रियता बहुत कम हो चुकी है और अरब जगत में किसी को वह याद भी नहीं हैं और अब तक उन्हें सिर्फ इस्राईल में ही याद किया जाता है और उनके बयानों की खबर दी जाती है और उन पर आरोप लगाए जाते हैं। इस्राईली समाचार पत्र में दावा किया गया है कि कोरोना संकट और लेबनान में आर्थिक समस्याओं के कारण हिज़्बुल्लाह की लोकप्रियता कम हो गयी है।

     इस सिलसिले में इस्राईल में मध्य पूर्व के मामलों के विशेषज्ञ एहुद युआरी ने भी अपने विचार प्रकट किये हैं। एहुद युआरी एक इस्राईली समाचार पत्र में काम करते हैं और इसी तरह वह वाशिंग्टन में एक संस्था के सदस्य हैं और कहा जाता है कि इस्राईली सुरक्षा एजेन्सियों से उनके निकट संबंध हैं। युआरी भी कहते हैं कि सैयद हसन नसरुल्लाह ने इस्राईल के खिलाफ युद्ध के नये नियम बनाए हैं। उन्होंने तय कर लिया है कि अगर सीरिया में हिज़्बुल्लाह या ईरान के किसी अधिकारी को निशाना बनाया गया तो उसका उसी तरह से जवाब दिया जाएगा और सैयद हसन नसरुल्लाह की यह धमकी बहुत महत्वपूर्ण और खतरनाक है।

     इस्राईली टीकाकार ने इसी प्रकार कहा है कि सैयद हसन नसरुल्लाह यह बार बार कहते हैं कि इस्राईल की किसी कार्यवाही का जवाब देने का यह अर्थ नहीं है कि हिज़्बुल्लाह इस्राईल के खिलाफ युद्ध शुरु कर देगा बल्कि वह सीमित कार्यवाही करेगा और हसन नसरुल्लाह अपनी धमकियों को सही साबित करने के लिए बार बार यह बताते हैं कि हिज़्बुल्लाह के पास ऐसे मिसाइल हैं जो इस्राईल के बेहद महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं। इसी तरह हसन नसरुल्लाह ने अपने एक इन्टरव्यू में साफ साफ कहा है कि इस्राईल लेबनान के साथ सीमा पर जो दीवार बना रहा है उससे इस्राईल को कोई लाभ मिलने वाला नहीं है और हिज़्बुल्लाह के पास दीवार को पार करने की कला है। इसके साथ ही हसन नसरुल्लाह ने बल दिया है कि सीमा पर  बहुत सी सुरंगें हैं जिनके बारे में इस्राईली सैनिकों को कुछ नहीं पता।

 

     इस्राईल में  सरकारी स्तर पर हिज़्बुल्लाह और सैयद हसन नसरुल्लाह  के खिलाफ जो भी प्रोपगंडा किया जाए यहां सैयद हसन नसरुल्लाह के बारे में इस्राईली स्कूलों में समाज शास्त्र की किताबों में जो कुछ लिखा है उसके कुछ हिस्सों का उल्लेख ज़रूरी है। इस किताब को यूनि ग्राफ ने लिखा है और इस्राईल के शिक्षा विभाग ने इस किताब की पुष्टि की है। किताब में लिखा गया है कि

" हसन नसरुल्लाह एक असाधारण और चमत्कारिक हस्ती के रूप में मशहूर हैं। जो कुछ इस्राईल में हो रहा है उसकी वह हमेशा जानकारी प्राप्त करते रहते हैं और इसी लिए वह इस्राईली समाज को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं और उसकी संवेदनाओं और कमज़ोरियों को समझते हैं। इस के साथ ही उन्हें इस्राईल के राजनीतिक कार्यक्रम की भी पूरी जानकारी है और जब वह कोई संदेश देना चाहते हैं तो अपनी इन्ही जानकारियों का भरपूर रूप में प्रयोग करते हैं इसी लिए उनके संदेशों का बहुत असर होता है ... सन 2000 में दक्षिणी लेबनान से इस्राईली सेना की वापसी के बाद बिन्ते जुबैल में अपने एक भाषण में उन्होंने इस्राईली समाज को मकड़े के जाले की तरह बताया था जिसे बड़ी आसानी से तबाह किया जा सकता है। "

यह सब कुछ इस्राईल की पाठ्य पुस्तकों में लिखा है। साभार, रायुलयौम Q.A.

 

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