Jun ०५, २०२० २२:२५ Asia/Kolkata
  • सीरिया में क्या हुआ कि वाशिंग्टन बौखला गया, लगा दिए कड़े प्रतिबंध, छूट देने के लिए शर्त पर रखी , क्या सीरिया की जनता और सरकार मान लेगी अमरीकी शर्त?

सीरिया के राष्ट्रपति की मीडिया प्रभारी बुसैना शाबान ने कहा है कि सीरिया पर अमरीका दबाव बढ़ाकर, उस चीज़ को हासिल करने के प्रयास में है जो आतंकवादी हासिल नहीं कर सके।

फ़ार्स न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार सीरिया के राष्ट्रपति की मीडिया प्रभारी बुसैना शाबान ने अमरीकी दबाव के सामने देश के डटे रहने पर बल दिया और कहा कि सीरिया का दृष्टिकोण, आतंकवाद और अवैध क़ब्ज़े के मुक़ाबले में प्रतिरोध करना है।

राष्ट्रपति बश्शार असद की मीडिया प्रभारी ने सीरिया के विरुद्ध अमरीका के नये प्रतिबंधों के बारे में कहा कि अमरीका का प्रतिबंध, केवल सीरिया को ही नहीं बल्कि रूस और ईरान सहित दमिश्क़ के घटकों को निशाना बनाता है और यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है।

उनका कहना था कि इसकी वजह यह है कि पश्चिमी और इस्राईली रिसर्च सेन्टर्ज़ बल देते हैं कि सीरिया युद्ध में जो सबसे ख़तरनाक चीज़ उभर कर सामने आई है वह सीरिया, ईरान, लेबनान और इराक़ का गठबंधन है।

बुसैना शाबान का कहना था कि अमरीका ने इस नये क़ानून और प्रतिबंध को हटाने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं जो वास्तव में सीरिया की अखंडता से खिलवाड़ है और इस देश की जनता ने यदि इन शर्तों को कब़ूल कर लिया होता तो वह अपनी स्वाधीनता की रक्षा के लिए आतंकवाद से 9 साल तक युद्ध करती। (AK)

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