Jul ०२, २०२० ०९:५८ Asia/Kolkata
  • इराक़ी स्वयं सेवी बल के कमांडरों से प्रधानमंत्री की मुलाक़ात, क्या झेंप मिटाना चाहते हैं अलकाज़ेमी?

इराक़ के स्वयं सेवी बल के निकट सूत्रों ने बताया है कि इस देश के प्रधानमंत्री ने स्वयं सेवी बल के बड़े कमांडरों से मुलाक़ात की है।

मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी ने बुधवार को इराक़ के स्वयं सेवी बल अलहश्दुश्शाबी के कमांडर समेत इस बल के कई अन्य वरिष्ठ कमांडरों व अधिकारियों से मुलाक़ात की। अलहश्दुश्शाबी के सूचना विभाग के प्रमुख मुहन्नद अलउक़ाबी ने बताया है कि यह मुलाक़ात वातावरण को "प्रेमपूर्ण" बनाने के उद्देश्य से हुई है। यह मुलाक़ात बग़दाद के अद्दूरा इलाक़े में स्वयं सेवी बल के ठिकाने पर किए गए हमले के बाद हुई है जिसमें इस बल के कई सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया गया था।

 

अलउक़ाबी ने शफ़क़ न्यूज़ को बताया कि इराक़ के प्रधानमंत्री ने अलहश्दुश्शाबी के कमांडरों और आतंकवाद से संघर्ष की इकाई के कमांडरों को यह समझाने के लिए इकट्ठा किया था कि वे लड़ाई के मैदान में एक दूसरे के साथी और दोस्त हैं। अलहश्दुश्शाबी के सूचना विभाग के प्रमुख ने कहा कि इस मुलाक़ात का लक्ष्य, फ़ितने को दबाना था जिसे कुछ लोग मीडिया के माध्यम से भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी ने बुधवार की बैठक के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि पिछले दिनों जो कुछ हुआ वह एक अस्थायी मामला थ और दोनों ही बल यानी अलहश्दुश्शाबी भी और आतंकवाद निरोधक इकाई भी, इराक़ के सुप्रीम कमांडर (मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी) के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के मुताबि़क़ इराक़ के स्वयं सेवी बल के कमांडर फ़ालेह अलफ़य्याज़ और इस बल के वरिष्ठ कमांडरों ने इराक़ के आतंकवाद निरोधक बल के कमांडर अब्दुल वहाब साएदी और इस बल के अन्य वरिष्ठ कमांडरों ने बुधवार को होने वाली इस बैठक में भाग लिया।

 

पिछले हफ़्ते इराक़ के आतंकवाद निरोधक बल ने प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी के सीधे आदेश से बग़दाद के दूरा इलाक़े में अलहश्दुश्शाबी की एक छावनी पर हमला किया था और उसके कई सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया था। इस हमले के बाद इराक़ के राजनैतिक धड़ों व जन संगठनों की तरफ़ से काफ़ी नकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। अलहश्दुश्शाबी के सदस्यों को बग़दाद के कूटनैतिक केंद्रों वाले इलाक़े ग्रीन ज़ोन पर राॅकेट हमले में लिप्त होने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था लेकिन यह आरोप साबित न होने बाद उन्हें तुरंत रिहा कर दिया गया।

 

अमरीकी अधिकारियों का दावा है कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों की छावनियों पर किए जा रहे राॅकेट हमलों में अलहश्दुश्शाबी में शामिल इराक़ की हिज़्बुल्लाह ब्रिगेड के सदस्यों का हाथ है। इराक़ के टीकाकारों का कहना है कि अमरीका, इस देश में अपनी सैन्य उपस्थिति जारी रखने का औचित्य दर्शाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहा है क्योंकि इराक़ी संसद में पास होने वाले एक बिल के आधार पर अमरीकी सैनिकों को इराक़ से बाहर निकलना होगा। (HN)

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