Jul १२, २०२० १५:०५ Asia/Kolkata
  • इराक़ और सीरिया ईरान के लिए क्यों सोने का पुल,  क्या है ईरान की ताक़त? बताया इस्राईली जनरल ने ... इस्राईली सेना का गुणगान करने वाले भी ध्यान दें।

इस्राईली सेना के वरिष्ठ अधिकारी जनरल यत्साक़ ब्रीक ने कहा है कि दस वर्षों से अधिक समय से ईरानी, मिसाइल चक्रव्यूह रचने में व्यस्त हैं और उसने इस्राईल के चारों तरफ अपने गुटों का जाल बुन दिया है।

उन्होंने लिखा कि  आज इस्राईल के आवासीय क्षेत्रों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना लेकर 2 लाख से अधिक मिसाइलों को स्थापित कर दिया गया है जिनसे इस्राईल के मूल भूत ढांचे, बिजलीघरों, ईंधन के भंडारों, गैस व पानी, संचार माध्यमों, दूरसंचार और स्वास्थ्य सेवाओं को निशाना बनाया जा सकता है।

इस्राईली जनरल ने कहा कि इस्राईल के आस पास ईरानी मिसाइलों का भंडार है इस लिए इस्राईल दुनिया में सब से अधिक खतरे में रहने वाली सरकार है। ईरान जब इस्राईल के चारों तरफ मिसाइलों का ताना बाना बुन रहा था तो उस समय इस्राईली अधिकारी गहरी नीदं में सो रहे थे। अब इस्राईल सेना के पास कोई तैयारी नहीं है और हम एक दिन में ईरान की ओर से फायर की जाने वाली हज़ारों मिसाइलों से बचने का कोई  रास्ता नहीं खोज पाए है।

 

     इस्राईली समाचार पत्र हारित्ज़ में प्रकाशित होने वाले अपने लेख में इस्राईली जनरल ने लिखा है कि ईरान, इस्राईल के आस पास मिसाइल का चक्रव्यूह बना रहा था और इस्राईली सेना, सीरिया में ईरानी हितों पर हवाई हमले करने में व्यस्त थी।  यह हवाई हमले अच्छा क़दम होने के बावजूद बेहद कम हैं और उन से सीरिया में ईरान का प्रभाव कम नहीं होगा यहां तक कि इससे ईरान द्वारा हिज़्बुल्लाह को  सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइल देने की प्रक्रिया भी  नहीं रुकेगी।  इससे जनमत को यह लगेगा कि हालात हमारे काबू में हैं लेकिन सच्चाई यह नहीं है ईरान से मिसाइल,  जल, थल और हवा से हिज़्बुल्लाह के पास पहुंच रहे हैं।

इस्राईली सेना के वरिष्ठ अधिकारी जनरल यत्साक़ ब्रीक ने लिखा है कि इराक़ और सीरिया , सोने का पुल हैं जो ईरान को हिज़्बुल्लाह से जोड़ते हैं और अभी हालिया दिनों में हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने एलान किया है कि सटीक निशाना लगाने वाले मिसाइलों का अभियान सफलता के साथ खत्म हो गया है। अगर वह बढ़ा चढ़ा कर भी बात कर रहे हैं तब भी इस्राईल पर हज़ारों मिसाइलों की बारिश से पहले बचाव का कोई रास्ता सोचना चाहिए वर्ना इस्राईल दसियों साल पीछे हो जाएगा।

 

इस्राईली जनरल ने लिखा है कि ईरानियों की नज़र में इस्राईल पर हज़ारों मिसाइल दागने के बाद जो उसे नुक़सान होगा वह किसी परमाणु बम के हमले के नुक़सान से कम नहीं होगा और इस तरह के मिसाइलों के प्रयोग से ईरान परमाणु या सामुहिक तबाही के हथियारों पर अंकुश लगाने वाले किसी कानून का उल्लंघन भी नहीं करेगा और इस्राईल के लिए यही सब से बड़ा खतरा है क्योंकि ईरान, इस्राईल पर छोटे बड़े 3 हज़ार मिसाइल प्रतिदिन फायर करने की ताक़त रखता है और अगर ईरान ने यह मिसाइल फायर किये तो उससे इस्राईल को नुक़सान पहुंचेगा उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

     इस्राईली सेना के वरिष्ठ अधिकारी जनरल यत्साक़ ब्रीक ने अपने लेख के अंत में लिखा है कि ईरानियों की नज़र में परमाणु हथियारों की संवेदनशीलता की वजह से इस्राईल परमाणु हथियारों का प्रयोग नहीं कर सकता जिसकी वजह से ईरान और उसके समर्थक संगठनों को इस्राईल पर वरीयता हासिल है वैसे भी ईरान स्वंय परमाणु बम बनाने से पहले कोरिया से कुछ बम खरीद कर इस्राईल के परमाणु हथियारों की चिंता भी खत्म कर सकता है। साभार, रायुल यौम, लंदन  Q.A.

    

ताज़ातरीन ख़बरों, समीक्षाओं और आर्टिकल्ज़ के लिए हमारा फ़ेसबुक पेज लाइक कीजिए!

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

टैग्स

कमेंट्स