Jul १४, २०२० ०७:५५ Asia/Kolkata
  • क्या यमन का अंसारुल्लाह आंदोलन अपनी धमकी पर अमल करते हुए तेल अबीब पर बैलिस्टिक मिसाइल फ़ायर करेगा? हमें क्यों लगता है कि यह होने वाला है? क्या होगा इस्राईल का जवाब?

यमन के शक्तिशाली अंसारुल्लाह आंदोलन की इंटेलीजेन्स कमेटी के प्रमुख अब्दुल्लाह यहया अलहाकिम ने बड़ा महत्वपूर्ण बयान दिया है कि अंसारुल्लाह आंदोलन के पास सऊदी अरब, इमारात और इस्राईल के भीतर मौजूद टारगेट की पूरी लिस्ट तैयार है और बहुत अधिक संभावना है कि हम इन लक्ष्यों को जल्द ही ध्वस्त करना शुरू कर देंगे।

इस एलान के कुछ ही घंटों बाद सऊदी एलायंस के प्रवक्ता ने स्वीकार किया कि यमन से मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ है। अंसारुल्लाह के अनुसार इन हमलों ने अपने निशानों को ध्वस्त किया अलबत्ता सऊदी प्रवक्ता का कहना था कि टारगेट ध्वस्त नहीं हुए बल्कि बीच में ही मिसाइलों और ड्रोन विमानों को मार गिराया गया।

सऊदी अरब के भीतर टारगेट को ध्वस्त करने के बारे में अब्दुल्लाह अलहाकिम का बयान नया नहीं है मगर इमारात और इस्राईल के भीतर टारगेट निर्धारित कर लेना और उन्हें ध्वस्त करने की बात करना अंसारुल्लाह आंदोलन के किसी अधिकारी की ओर से नया बयान है। सवाल यह है कि अंसारुल्लाह के पास क्या तेल अबीब तक पहुंचने वाले मिसाइल मौजूद हैं? या यह धमकियां मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा हैं?

 

अंसारुल्लाह को देखा जाए तो यह संगठन बिल्कुल उसी रास्ते पर जा रहा है जिस रास्ते पर लेबनान का हिज़्बुल्लाह आंदोलन चला है। यानी जब भी धमकी देता है तो उस पर अमल ज़रूर करता है। उसने रियाज़, जिद्दा, ख़मीस मशीत और बक़ैक़ पर हमले की धमकी दी तो यह हमले करके भी दिखा दिए। इन लक्ष्यों पर मिसाइलों और ड्रोन विमानों की बड़ी संख्या टूट पड़ी जिन्होंने बड़े सटीक रूप से अपने लक्ष्यों को ध्वस्त किया और अपने दुशमनों को हैरान करके रख दिया।

इस्राईल के भीतर लक्ष्यों को ध्वस्त करने का जो बयान है उसके संबंध में दो संभावनाएं हैं।

एक तो यह कि अंसारुल्लाह अपने मिसाइलों से अक़बा खाड़ी के सुदूर उत्तरी इलाक़ो में ईलात की बंदरगाह को निशाना बना सकता है। इसकी पूरी संभावना है क्योंकि जब अंसारुल्लाह के मिसाइल सऊदी अरब की यंबोअ बंदरगाह तक पहुंच गए तो ईलात बंदरगाह और यंबोअ बंदरगाह की यमन से दूरी में बहुत थोड़ा सा अंतर है। यानी ईलात बंदरगाह भी अंसारुल्लाह के मिसाइलों की रेंज में है।  दूसरी संभावना यह है कि अंसारुल्लाह बाबुल मंदब स्ट्रेट में या दक्षिणी लाल सागर में इस्राईल जहाज़ों को निशाना बना सकता है। इसके लिए वह सतह से समुद्र में मार करने वाले मिसाइल या तेज़ रफ़तार युद्धक नौकाओं का इस्तेमाल कर सकता है जैसा कि सऊदी और इमाराती जहाज़ों के साथ किया गया।

इन दोनों विकल्पों की संभावना इसलिए बढ़ गई है कि ईरान के नेतृत्व वाला विशाल प्रतिरोधक मोर्चा धमकी दे चुका है कि ईरान के भीतर किए गए संभावित हमले का जवाब दिया जाएगा। शायद अंसारुल्लाह का बयान आने वाले समय में प्रतिरोधक मोर्चे की ओर से एक साथ कई स्थानों से इंतेक़ामी हमला किए जाने की रणनीति की ओर इशारा है।

अगर अंसारुल्लाह ने इस्राईली टारगेट पर मिसाइल मार दिए तो इस्राईल के पास जवाबी कार्यवाही करने के लिए बहुत ज़्यादा विकल्प नहीं होंगे क्योंकि अंसारुल्लाह के पास गवांने के लिए कुछ ज़्यादा नहीं है। यमन पर तो वैसे ही सऊदी अरब एफ़-16 और एफ़-15 युद्धक विमानों से हमले कर रहा है। अब इस्राईल के लिए यमन में हमले के लिए कुछ बचा ही नहीं है।

आख़िर में हम कहना चाहते हैं कि अंसारुल्लाह की ओर से इमारात और इस्राईल के भीतर टारगेट्स पर हमले की भरपूर संभावना है बल्कि शायद यह हमले इस प्रकार के होंगे कि सबको चौंका देंगे।

स्रोतः रायुल यौम

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