Jul १५, २०२० १३:०० Asia/Kolkata
  •  सऊदी अरब ने हद खत्म कर दी, इस्राईल से संबंध, बनाने के लिए दी पैग़म्बरे इस्लाम की मिसाल!

 इस्राईल के यरुश्लम पोस्ट समाचार पत्र ने अपने एक लेख में तेल अबीब युनिवर्सिटी की पत्रिका में छपे सऊदी अरब के एक शोध का हवाला देते हुए लिखा है कि पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद (स) के यहूदियों से काफी अच्छे संबंध थे।

       समाचार पत्र में लिखा गया है कि यह शोध पत्र मुहम्मद बिन गलबान ने लिखा है जो सऊदी अरब के मलिक सऊद विश्व विश्वविद्यालय में हीब्रू विभाग के प्रमुख हैं। उनके शोध पत्र का शीर्षक हे इस्स्राईली जनमत में पैगम्बरे इस्लाम की छवि में सुधार की कोशिश । इस शोध पत्र में पैगम्बरे इस्लाम के उन पत्रों का उल्लेख किया गया है जो उन्होंने अरब प्रायद्वीप में रहने वाले यहूदियों को लिखे थे।

    इस्राईली मीडिया के अनुसार इस प्रकार के रुख की अतीत में मिसाल नहीं मिलती।

    गलबान ने अपने लेख में लिखा है कि पैगम्बरे इस्लाम ने यहूदियों के साथ अच्छे संबंध बनाए और केवल राजनीतिक मामलों में उनसे टकराव का रास्ता अपनाया लेकिन धार्मिक मामलों में कभी टकराव नहीं चाहा।

यरुश्लम पोस्ट ने लिखा है कि सऊदी अरब के मलिक सऊद विश्व विश्वविद्यालय में हीब्रू विभाग के प्रमुख गलबान ने अपने लेख से यह साबित करना चाहा है कि पैगम्बरे इस्लाम के यहूदियों के साथ अच्छे संबंध थे।

 

    इस्राईली समाचार पत्र ने तेल अबीब विश्व विद्यालय के रानान रान के हवाले से लिखा है कि उन्हें उम्मीद है कि गलबान का यह शोध पत्र आर्थिक व राजनीतिक सहयोग की दिशा में एक और क़दम साबित होगा।

    लेख में कहा गया है कि गलबान का शोध पत्र एसी दशा में प्रकाशित किया गया है कि जब रियाज़ में यहूदियों और इस्राईल के साथ सहयोग की मांग बढ़ रही है ताकि इस तरह से शांति स्थापित की जाए।

    याद रहे सऊदी अरब और यूएई जैसे कुछ देश, सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए अमरीका व इस्राईल को खुश करने के प्रयास में लगे रहते हैं।

    इसी लिए एसी दशा में कि जब इस्राईल, फिलिस्तीनियों के पश्चिमी तट पर अवैध क़ब्ज़े की तैयारी में है, सऊदी अरब जैसे देश, फिलिस्तीनियों के बजाए, इस्राईल के साथ खड़े नज़र आते हैं। Q.A. इनपुट अलजज़ीरा से 

ताज़ातरीन ख़बरों, समीक्षाओं और आर्टिकल्ज़ के लिए हमारा फ़ेसबुक पेज लाइक कीजिए!

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

टैग्स

कमेंट्स