Aug ०३, २०२० १७:२० Asia/Kolkata
  • हिज़्बुल्लाह के लाखों मिसाइलों के जाल में कैसे फंस गया इस्राईल? अमरीका की प्रमुख न्यूज़ ‎वेबसाइट का सटीक विश्लेषण

अमरीका की एक प्रमुख न्यूज़ वेबसाइट का कहना है कि हिज़्बुल्लाह ने दक्षिणी सीमा पर इस्राईल को लक्ष्य बनाकर डेढ़ लाख रॉकेट तैनात कर रखे हैं और इस तरह से ज़ायोनी शासन को गले से पकड़ लिया है।

इसी हफ़्ते लेबनान और सीरिया की सीमाओं पर बढ़ते तनाव को देखते हुए इस्राईल ने भारी सैन्य बल तैनात किया है।

इस्राईली अधिकारियों ने इसे पिछले कई वर्षों के दौरान, इसे सबसे बड़ी सैन्य तैनाती क़रार दिया है, जो हिज़्बुल्लाह की जवाबी कार्यवाही के डर से अंजाम दी गई है। लेबनान के प्रतिरोधी आंदोलन ने हाल ही में इस्राईली हमले में शहीद होने वाले अपने एक सदस्य की मौत का बदला लेने का एलान किया था।

अमरीका की प्रमुख न्यूज़ वेबसाइट बिज़नेस इंसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक़, लेबनान से लगी सीमा पर इस मूवमेंट से इस्राईल की कमज़ोर और दयनीय स्थिति का पता चलता है।  

2011 में सीरिया संकट शुरू होने के बाद से इस्राईल ने सीरिया में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर दर्जनों हमले किए हैं। आतंकवादी गुटों के ख़िलाफ़ लड़ाई में व्यस्त हिज़्बुल्लाह ने जवाब में कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की है, जिसकी वजह से लेबनान की दक्षिण सीमा पर कुछ हद तक ख़ामोशी रही है।

बिज़नेस इंसाइडर ने इस्राईली सूत्रों के हवाले से लिखा है कि यह ख़ामोशी और शांति किसी भी समय भंग हो सकती है।

एक पूर्व इस्राईली सैन्य अधिकारी का कहना था कि इस्राईल की सीमा पर हिज़्बुल्लाह ने 150,000 मिसाइल तैनात कर रखे हैं और यह सैन्य रूप से अस्वीकार्य है।

अमरीकी वेबसाइट को नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर इस्राईली सैन्य अधिकारी ने कहाः हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी सीमा पर हमारे लिए एक ख़तरनाक जाल बिछा रखा है, मेरे लिए यह स्पष्ट नहीं है कि स्वीकार्य क़ीमत पर इस संकट का सैन्य समाधान कैसे निकलेगा।

अधिकारी का कहना था कि भारी नुक़सान से बचने के लिए हिज़्बुल्लाह के मिसाइलों को रोकने में इस्राईल सक्षम नहीं है। ऐसा करने के लिए बड़े पैमाने पर आक्रमण करने की ज़रूरत होगी और इस्राईली सैनिकों की टुकड़ियों को लेबनान की सीमा के काफ़ी भीतर भेजना होगा, जबकि हिज़्बुल्लाह के लड़ाके घात लगाए उनका इंतज़ार कर रहे होंगे। परिणाम स्वरूप भारी जानी नुक़सान उठाना पड़ेगा, लेकिन इसके बावजूद इन मिसाइलों को पूरी तरह से रोक पाना संभव नहीं होगा।

हिज़्बुल्लाह का कहना है कि उसने यह रॉकेट और मिसाइल, किसी भी इस्राईली आक्रमण को रोकने के लिए तैनात कर रखे हैं।

इस्राईल के पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एवी का कहना है कि हिज़्बुल्लाह ने पिछले 30 वर्षों के दौरान, मज़बूत रक्षात्मक शक्ति हासिल की है, जो 1970 के दशक में इस्राईल के लिए अकल्पनीय थी।

इस्राईल ने हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ 2000 और 2006 में दो युद्ध शुरू किए थे, दोनों ही लड़ाईयों में हिज़्बुल्लाह ने इस्राईल क भारी नुक़सान पहुंचाया था।

2006 में इस्राईली सेना को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उसे पता चला कि हिज़्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में मज़बूत क़िलेबंदी कर रखी है, जिसे आसमान से नहीं देखा जा सकता।

इनसाइडर के मुताबिक़, हिज़्बुल्लाह ने अपनी सैन्य क्षमता को बहुत ही सावधानी से डिज़ाइन किया है: जब तक इस्राईल पर रॉकेट और मिसाइल बरसते रहेंगे, इस्राईली बंकरों में रहने के लिए मजबूर रहेंगे, और यह हिज़्बुल्लाह की जीत होगी।

1978 से 2000 तक लेबनान से लगी सीमा पर तैनात रहने वाले एवी का कहना था कि हिज़्बुल्लाह नेतृत्व का मानना है कि इस्राईल की तुलना में लड़ाई का दर्द वह लम्बे समय तक झेल सकते हैं, और उनका यह मानना सही भी है। msm

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