Aug ०४, २०२० १५:५६ Asia/Kolkata
  • आन के धन पर कनवा राजा... सीरिया में अमरीकी साज़िश का भयानक रूप, चोर चोरी कर रहे, चोरी का माल, दूसरे चोर को बेच रहे हैं, रायुलयौम की चौंकाने वाली रिपोर्ट!

 सीरिया के एक भाग पर अमरीका ने स्थानीय कुर्दों  की मदद से अवैध रूप से क़ब्ज़ा कर रखा है, फिलहाल सीरिया सरकार इदलिब को आतंकवादियों से मुक्त करने में व्यस्त है इस दौरान, अमरीका की एक कंपनी ने सीरिया के कुर्दों के साथ, सीरिया के तेल कुंओं पर समझौता किया है। इस पर लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुलयौम में मुख्य संपादक अब्दुलबारी अतवान का एक लेख प्रकाशित हुआ है जो पढ़ने योग्य है।

     ट्रम्प सरकार की छत्रछाया में सीरिया के पूर्वोत्तरी भाग में कथित स्वायत्त प्रशासन के साथ अमरीका की डेल्टा क्रिसेन्ट एनर्जी नामक कंपनी का सीरियाई तेल के कुंओं के विकास के लिए समझौता और इस्राईल में उस पर जश्न निश्चित रूप से एक बहुत बड़ी गद्दारी है , केवल सीरियाई जनता और सरकार के लिए नहीं बल्कि पूरे अरब जगत के लिए क्योंकि इससे अरबों और कुर्दों के संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेंगे और इससे इलाक़े की उन सरकारों के लिए हालात समस्याजनक बन जाएंगे जो कुर्दों पर होने वाले एतिहासिक अत्याचारों पर उनके प्रति हमदर्दी रखते हैं।

    सीरिया को भुखमरी का शिकार बनाने के लिए इस प्रकार के क़दम से वास्तव में यह साबित होता है कि कुर्द नेताओं के दिल में अरबों के लिए कोई हमदर्दी नहीं है, और न ही वह अतीत की अपनी गलतियों और अपमानों से कुछ सीखने पर तैयार हैं। वह वही कुर्द नेता हैं जिन्हें सब से अधिक अमरीकियों और इस्राईलियों ने अपमानित किया लेकिन इसके बावजूद हमेशा वह अरबों के खिलाफ अमरीका व इस्राईल की साज़िशों में, साधन व हथकंडे के रूप में प्रयोग होते रहे हैं।

   

मज़लूम अब्दी

 

पिछले पचास वर्षों के दौरान सीरिया की सरकार ने कुर्दों का जिस तरह से साथ दिया है उस तरह से क्षेत्र की किसी सरकार ने उनका साथ नहीं दिया। आज जो कुर्द सीरिया की अखंडता के खिलाफ साज़िश कर रहे हैं उनमें से अधिकांश वह लोग हैं जिन्हें सीरिया ने, तुर्की के अत्याचारों से भागने के बाद अपने आंचल में शरण थी है। इस तरह की सब से ताज़ा घटना मात्र दस वर्ष पहले घटी जब सीरिया ने 3 लाख कुर्दों को सीरिया की नागरिकता प्रदान की लेकिन कुर्दों ने इसका बदला, सीरिया के खिलाफ अमरीकी व इस्राईली साज़िशों में सहयोग करके दिया।

    अमरीका व इस्राईल के बहकाने पर  इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस के कमांडर मज़लूम अब्दी ने इतिहास सही से नहीं पढ़ा है, विशेषकर इराक़ और अफगानिस्तान की हालिया घटनाओं के बारे में जानकारी नहीं प्राप्त की। आज सीरिया में चुराए गये तेल के कुंओं की सुरक्षा के लिए जो 500 अमरीकी सैनिक तैनात किये गये हैं उनका अंजाम भी इराक़ में उनके अन्य साथियों से अलग नहीं होगा जो 13 छावनयों से 3 में सिमट गये हैं और अब यह अमरीकी सैनिक, वहां से भी इराक़ी प्रतिरोध मोर्चे की राकेटों और मिसाइलों के डर से भाग रहे हैं।

    सीरिया के तेल के कुंओं पर अमरीका का कोई अधिकार ही नहीं जो वह उसे अपने कुर्द एजेन्टों को दान करे। आज अगर सीरियाई सेना की प्राथमिकता देश की अंखडता की सुरक्षा और इदलिब पर  दोबारा नियंत्रण है तो इसका यह मतलब नहीं है कि वह अपनी राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी और पूर्वी फुरात के हरे भरे इलाक़े के खिलाफ साज़िश की अनुमति देगी निश्चित रूप से सीरियाई सेना ने जिस तरह से हलब, हुमाह, दैरुज्ज़ूर, पूर्वी गौता और तदमुर जैसे इलाक़ों पर पुनः नियंत्रण प्राप्त कर लिया है उसी तरह से वह पूर्वी फुरात पर भी नियंत्रण करेगी बात केवल प्राथमिकताओं और नये नये मोर्चे खोलने से बचने की है।

500 अमरीकी सैनिक कब तक करेंगे सुरक्षा? 

 

    कुर्द कमांडर मज़लूम अब्दी और उनके अन्य साथियों को यह याद दिलाया जाना चाहिए कि इराक़ के जिस प्रतिरोध मोर्चे के जियालों ने अपने देश में एक लाख से अधिक सैनिकों को धूल चटायी है उनमें से अधिकांश की ट्रेनिंग सीरिया मे हुई थी और वह सब असली अरबी क़बीलों के सपूत हैं। उनके सीरियाई साथी 500 अमरीकी सैनिकों को बड़ी सरलता से हरा देंगे।

    स्वाधीनता और अमरीका व इसराईल के समर्थन के नशे में धुत कुर्द नेता यह भूल गये हैं कि उनके इस तरह के क़दम से दुनिया और इलाक़े के बड़ी शक्तियां उनके खिलाफ हो जाएंगी जिनमें रूस जैसी बड़ी शक्ति है जो हमेशा कुर्दों के साथ रहा है। इसी तरह तुर्की है जो सीरिया में ही नहीं बल्कि मंगल ग्रह पर भी कुर्द प्रशासन का विरोध करता है और फिर प्रतिरोध मोर्चे की कमान संभालने वाला ईरान भी है जो सीरिया के अरब क़बीलों के साथ है और जिस इलाक़े सीरिया का तेल चुराया जा रहा है वहां यही अरब क़बीले बहुसंख्यक हैं ।

हमारी नज़र में इस बात की भी संभावना है कि अमरीका की इस साज़िश की वजह से  अतीत की तरह तुर्की और सीरिया एक बार फिर एक स्टेज पर नज़र आएं और दोनों देश मिल कर कुर्दों के अलगाववाद का मुक़ाबला करें, सीरिया में ही नहीं बल्कि तुर्की, इराक़ और ईरान में भी। दुश्मनी यूं  भी हमेशा नहीं रही, अधिकांश समय में संयुक्त हित दुश्मनी पर भारी पड़ते हैं।

 

पूर्वी फुरात की भूमि और वहां मौजूद तेल की दौलत, सीरियाई जनता की संपत्ति है उस पर केवल सीरियाई सरकार का अधिकार नहीं और यह अरब के जियाले अपनी संपत्ति की लूट नहीं देख सकेंगे और निश्चित रूप से अमरीकी चोरी और उसी छत्रछाया में चोरी करने वालों का मुक़ाबला करेंगे जैसा कि उन्हें तुर्की और फ्रांस के अवैध अधिकार का मुकाबला किया और जिस तरह से इस समय इस्राईल के अतिक्रमणों का मुक़ाबला कर रहे हैं।

जी हां कुछ चोर, चोरी कर रहे हैं, और दूसरे चोर चोरी का माल खरीद रहे हैं, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब सब अपने अपराध की भरपाई करेंगे और चोरी का माल, उसके अस्ली मालिकों के पास वापस आएगा जैसा कि अफ्रीका, एशिया और दक्षिणी अमरीका में हुआ है , अमरीका की ताक़त, ढल रही है, इस्राईली रोब व दबदबा, प्रतिरोध आंदोलन की राकेटों की  घन गरज और उसके जियालों के नारों से  भय व बौखलाहट में बदल चुका है , सीरिया भी इस साज़िश की विफलता के बाद संभल जाएंगा। Q.A. साभार,रायुलयौम, लंदन

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