Aug ०४, २०२० २०:५४ Asia/Kolkata
  • सैयद हसन नसरुल्लाह के क़त्ल की धमकियां दोबारा क्यों देने लगे हैं इस्राईली अधिकारी?

हालिया दिनों लेबनान की सीमा पर झड़पें होने का इस्राईली अधिकारियों की ओर से दावा किया गया है और कहा गया कि हिज्बुल्लाह के जवान सीमा पार करके इस्राईली क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में दाख़िल होने की कोशिश कर रहे थे मगर इस कोशिश को नाकाम बना दिया गया। हिज़्बुल्लाह के बयान से साबित हुआ कि इस्राईल निराधार दावे कर रहा है।  

इसके बाद इस्राईली अधिकारियों ने यह दावे भी किए कि उन्हें हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह के छिपने का ठिकाना पता है और जब चाहें उनकी हत्या कर सकते हैं।

इस्राईली मीडिया को अगर ग़ौर से देखा जाए तो जब भी किसी मामले में इस्राईल की किरकिरी होती है इस्राईली अधिकारी यह रट लगा लेते हैं कि वह सैयद हसन नसरुल्लाह की हत्या कर सकते हैं लेकिन फिलहाल वह इसका इरादा नहीं रखते।

इसमें कोई शक नहीं है कि हालिया समय में हिज़्बुल्लाह ने मनोवैज्ञानिक युद्ध में इस्राईल को बार बार पराजित किया है। स्थिति यह हो गई है कि इस्राईल में रहने वाले लोगों को हिज़्बुल्लाह की बातों पर पूरा यक़ीन होता है जबकि अपने नेताओं को वह झूठा समझते हैं।

टीकाकार यह कहते हैं कि अगर इस्राईलियों को सैयद हसन नसरुल्लाह के ख़ुफ़िया ठिकाने के बारे में मालूम होता तो वह निश्चित रूप से उन्हें निशाना बनाने की कोशिश करते।

इस बार इस्राईल की सैनिक इंटैलीजेन्स एजेंसी के पूर्व प्रमुख आमोस यादलीन ने यह बयानबाज़ी शुरू की और इस्राईल के चैनल12 से बातचीत में कहा कि सैयद हसन नसरुल्लाह का ख़ुफ़िया ठिकाना इस्राईल को मालूम है और उनके बाद इस्राईली सेना के चीफ़ स्टाफ़ गादी आइज़नकोट ने भी यही दावा दोहराया हालांकि उन्होंने एक महीना पहले कहा था कि इस्राईल की नज़र में सैयद हसन नसरुल्लाह एक महत्वपूर्ण वैध टारगेट हैं।

आमोस यादलीन

 

इस्राईली टीकाकारों ने हालिया धमकियों के बाद यह सवाल उठाया कि अगर इस्राईल को सैयद हसन नसरुल्लाह का ठिकाना पता है और वह उनकी हत्या कर सकता है तो यह भी सोचना पड़ेगा कि उसके बाद क्या होगा। इस्राईल ने हिज़्बुल्लाह के एक कमांडर को सीरिया में शहीद कर दिया है और उसके बाद से पूरा इस्राईल कांप रहा है कि हिज़्बुल्लाह कब क्या बड़ी कार्यवाही करता है?

 

हक़ीक़त यह है कि 33 दिवसीय लेबनान युद्ध के बाद से सारी इस्राईली इंटेलीजेन्स एजेंसियां लगातार सैयद हसन नसरुल्लाह की गतिविधियों पर नज़र रखने की कोशिश कर रही हैं लेकिन उनके बारे में इन एजेंसियों की मालूमात इतनी कम है कि वह इन जानकारियों के आधार पर कोई आप्रेशन करने की हिम्मत नहीं कर सकतीं।

लेबनान युद्ध को अब 14 साल हो गए हैं लेकिन इस्राईल को इस युद्ध में मिली भयानक हार आज तक याद है आज भी सैयद हसन नसरुल्लाह इस्राईली अधिकारियों के लिए डरावना सपना हैं और वह खोखली बयानबाज़ी करके बस दिल की भड़ास निकाल लेने की कोशिश करते हैं जबकि ख़ुद उन्हें भी पता है कि उनकी बात पर कोई भी यक़ीन करने वाला नहीं है।

स्रोतः तसनीम न्यूज़

 

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