Aug ०५, २०२० २०:१८ Asia/Kolkata
  • बैरूत के दक्षिणी भाग में शीया, पश्चिमी भाग में सुन्नी और पूर्वी भाग में ईसाई बसते हैं, सुन्नी बाहुल इलाक़े में धमाके के राजनैतिक परिणाम निकलेंगे!

पश्चिमी एशिया के मामलों के विशेषज्ञ सअदुल्लाह ज़ारेई ने बैरूत धमाके के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धमाका बैरूत के उस इलाक़े में हुआ है जिसे लेबनानी अर्थ व्यवस्था की नब्ज़ कहा जाता है।

यह पूरी तरह आर्थिक इलाक़ा है जहां संघर्षकर्ताओं और हथियार से लैस संगठनों की गतिविधियां नहीं होतीं।

सअदुल्लाह ज़ारेई ने तस्नीम न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में कहा कि बैरूत तीन भागों में बंटा हुआ है, दक्षिणी भाग में शीया रहते हैं जिसे ज़ाहिया भी कहा जाता है यहां सात से आठ लाख शीयों की आबादी है। दूसरा भाग शहर का पश्चिमी भाग है जहां सुन्नी समुदाय के लोग आबाद हैं। यह शहर का सबसे महंगा इलाक़ा माना जाता है, शहर का तीसरा भाग इसका पूर्वी भाग है जहां ईसाइयों की आबादी है। इसके अलावा जेबाल नाम का एक इलाक़ा है जहां दुरूज़ समुदाय के लोग आबाद हैं।

ज़ारेई ने कहा कि धमाका बैरूत के सुन्नी इलाक़े में हुआ है जहां बंदरगाह भी है और देश का आर्थिक केन्द्र यही इलाक़ा है इस इलाक़े में सशस्त्र संगठनों की कभी कोई गतिविधियां नहीं हुईं।

ज़ारेई ने कहा कि सुन्नी इलाक़े में धमाका हो सकता है कि साज़िश का हिस्सा हो जिसका मक़सद अराजकता और टकराव पैदा करना या सरकार को नाकाम बनाना हो सकता है और दूसरी संभावना यह है कि यह धमाका लापरवाही की वजह से हुआ हो क्योंकि पहले आग लगी और फिर वह आग नाइट्रेट के डिपो तक पहुंच गई।

ज़ारेई के अनुसार अभी कुछ नहीं कहा जा सकता कि यह आम धमाका है या किसी साज़िश का हिस्सा लेकिन इसका गहरा असर पड़ेगा क्योंकि पिछले सत्तर अस्सी साल में लेबनान में इस प्रकार की इतनी बड़ी कोई घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस धमाके के राजनैतिक परिणाम भी ज़रूर होंगे।

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