Aug ०६, २०२० १७:०६ Asia/Kolkata
  • बैरुत धमाके के धुंए के पीछे से झलकने लगा है इस्राईल का कुरुप चेहरा! क्यों खुश है इस्राईल?

ईरान की तसनीम न्यूज़ एजेन्सी ने  बैरुत धमाके पर इस्राईल के भीतर सामने आने वाली प्रतिक्रिया का जायज़ा लिया है। आप भी पढ़ें। 


फिलहाल इस्राईल की यह कोशिश है कि किसी न किसी तरह से स्वंय को बैरुत धमाकों से अलग दिखाए लेकिन इस्राईली टीकाकारों और अधिकारियों के बयानों पर गौर करने से बैरुत धमाके में इस्राईल का हाथ होने का संदेह बढ़ता जा रहा है।

     तसनीम न्यूज़ एजेन्सी ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि हालांकि तेलअबीव की नगरपालिका ने अपने मुख्यालय पर लेबनान का झडें की लाइटिंग की कि जिस पर कट्टरपंथी ज़ायोनियों ने कड़ी आपत्ति भी की, लेकिन इस्राईल के हिब्रू मीडिया का जायज़ा लेने से यह पता चलता है कि इस्राईल के सुरक्षा विभाग सहित विभिन्न हल्क़ों में न केवल यह कि इस दुर्घटना पर खुशी है बल्कि वह बैरुत धमाके को इस्राईल के हित में कह रहे हैं।

     इस्राईल के पूर्व सांसद मूशे वेजीलीन ने इस्राईली टीवी चैनल, चैनल-7 के एक कार्यक्रम में चर्चा के दौरान खुल कर कहा कि बहुत अच्छी बात है कि यह धमाका, बैरुत में हुआ है क्कि अगर बैरुत में धमाका नहीं होता तो तेलअबीव में स्थिति विस्फोटक हो जाती अब अगर इस धमाके में कुछ बच्चे भी मारे गये तो इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी उन्ही लोगों पर है।

 

     इस्राईली समाचारपत्र यदीऊत अहारोनूत के विश्लेषक रून बिन याशाय ने भी बैरुत के भयानक धमाकों को एसी घटना बताया जो, सीरिया में इस्राईल के हाथों अपने एक सदस्य की मौत के बदले से हिज़्बुल्लाह को रोक सकती है। इसके साथ ही वह यह स्वीकार करते हैं कि हालांकि इस्राईल हिज़्बुल्लाह की मिसाइल क्षमता कम करने के लिए, सैन्य ठिकानों  और हथियारों के गोदामों को तबाह करने में अपना हित देखता है लेकिन हमारे पास जो सूचनाएं हैं उनके आधार पर यह कहा जा सकता है बैरुत बंदरगाह पर हिज़्बुल्लाह के इस प्रकार के ठिकाने नहीं हैं।

     उन्होंने ट्रम्प के इस बयान पर कि धमाके किसी बम की वजह से हुआ है, कहा कि इस प्रकार के बयानों से इस्राईल को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है और इस्राईल की ओर से इस एलान के बावजूद कि धमाके में उसका कोई हाथ नहीं था, उस पर शक किया जा रहा है।

     बिन याशाय स्वीकार करते हैं कि हालांकि ट्रम्प ने सीधे रूप से इस्राईल का नाम नहीं लिया लेकिन यह स्पष्ट है कि इस्राईल अमरीका का मुख्य घटक रहा है और इस्राईली सेना और खुफिया एजेन्सी के पास मौजूद बहुत सी सूचनाएं, अमरीकी सूत्रों से प्राप्त की गयी हैं इस लिए यह कहा जा सकता है कि ट्रम्प के इस बयान से इस्राईल को, क्षेत्र को और मध्य पूर्व को बहुत अधिक नुक़सान हुआ है।

     इस्राईल के अन्य समाचार पत्र " मआरियो" ने भी बैरुत धमाके के बारे में अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि इस्राईली खुफिया एजेन्सियां, बैरुत धमाके के बाद के हालात पर नज़र रखे हैं और तेलअबीब इन विशेष परिस्थितियों में विस्फोट स्थल और हिज़्बुल्लाह के मध्य किसी प्रकार के संबंध को खोज पाने में असमर्थ है।

     इस्राईल के राजनीतिक टीकाकार, गेयबेशूर नपे हिब्रू भाषा के जीप्लानेट  न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित होने वाले अपने एक  लेख में यह विचारयोग्य सवाल पूछ है कि क्या लेबनान को पाषाण काल में पहुंचाने का वादा इस तरह से पूरा किया गया है? याद रहे इस्राईली नेता पहले लेबनान को यह धमकी दे चुके हैं।

 

     इस्राईल के टीवी चैनल 12 की वेबसाइट पर इस खबर की जो सुर्खी लगायी गयी उससे भी बहुत कुछ स्पष्ट होता है। सुर्खी यह थीः यह कम से कम अस्थाई रूप से, इस्राईल के लिए बहुत अच्छा नतीजा है!

     इसके बाद के विश्लेषण में लिखा गया है कि अनुभवों से पता चलता है कि लेबनान जैसे देश में इस प्रकार की घटनाओं के बारे में जांच का परिणाम बहुत लंबे समय बाद निकलता है और मूल रूप से उसका कोई विशेष परिणाम भी सामने नहीं आता। इन हालात में अस्ल सवाल यह  है कि अब इसके बाद क्या होने वाला है?

      इस लेख में धमकी देते हुए लिखा गया है कि सब को पता है कि लेबनान के अन्य इलाक़ों में भी हथियारों और विस्फोटों को भंडार हैं कि अगर उनमें भी विस्फोट हो गया तो लेबनान को बहुत अधिक नुक़सान पहुंचेगा लेकिन बहरहाल इस भयानक विस्फोट से कम से कम इस्राईल को शांति मिलेगी हालांकि सब को पता है कि यह शांति हमेशा नहीं रहेगी।

     इसी तरह इस्राईल की अन्य वेबसाइट वाल्ला के पत्रकार उमैर बुहबूत ने इस्राईल के उच्च सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि सब को  हसन नसरुल्लाह के अगले क़दम का इंतेज़ार है।  

          उन्होंने बताया कि इस्राईल के चीफ आफ आर्मी स्टाफ आविव कुखाफी गुरुवार को अपातकाली बैठक में उत्तरी सीमा पर हाई अलर्ट की घोषणा के लिए बैठक कर रहे हैं।  वह लिखते हैं कि बैरूत धमाका, सुन्नी गुटों और हिज़्बुल्लाह के मध्य तनाव में वृद्धि का कारण बन सकता है।

     इस्राईल के एक अन्य समाचार पत्र हारित्ज़ ने इस्राईली सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बैरुत के भयानक धमाके की वजह से हिज़्बुल्लाह  ने इस्राईल के खिलाफ अपनी कार्यवाही का कार्यक्रम बदल दिया है और इस आधार पर सेना में भी कुछ बदलाव हो सकता है। Q.A. 

 

टैग्स

कमेंट्स