Sep २५, २०२० १५:२७ Asia/Kolkata
  • इराक़ करेगा परमाणु संयंत्र का निर्माण, 1981 में इस्राईल ने तबाह कर दिया था ओसिराक़ परमाणु संयंत्र

इराक़ी प्रधान मंत्री मुस्तफ़ा अल-काज़मी ने देश में परमाणु संयंत्र के निर्माण के लिए एक समिति के गठन का आदेश दिया है।

इराक़ी कमीशन फ़ॉर कंट्रोल ऑफ़ रेडियोएक्टिव के प्रमुख कमाल हुसैन लतीफ़ ने गुरुवार को इराक़ी न्यूज़ एजेंसी को बताया कि अल-काज़मी ने हाल ही में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रॉन के साथ मुलाक़ात के बाद, इस समिति के गठन की घोषणा कर दी थी।

इराक़ी प्रधान मंत्री काज़मी का कहना था कि शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए देश के पूर्व परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की ज़रूरत है।

लतीफ़ के मुताबिक़, इराक़ परमाणु विज्ञान में अपनी जगह फिर से बहाल करने के लिए तत्पर है, जिस पर उसने पिछली सदी के 70वें दशक में काम किया था।

उन्होंने परमाणु ऊर्जा को एक बहुत ही महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दा बताया और कहा कि इससे आने वाली कई पीढ़ियां लाभ उठा सकती हैं।

उनका यह भी कहना था कि देश के मौजूदा ऊर्जा संकट को हल करने के लिए परमाणु ऊर्जा काफ़ी कारगर साबित हो सकती है।

ग़ौरतलब है कि इराक़ तेल से मालामाल देशों में से एक है, लेकिन उसे बिजली की भारी कमी का सामना रहता है और वह अपनी ज़रूरत की अधिकांश बिजली ईरान और अन्य पड़ोसी देशों से आयात करता है। इसके अलावा, परमाणु तकनीक से उपचार, कृर्षि और उद्योग में भी लाभ उठाया जा सकता है।

इराक़ ने 1960 के दशक में बग़दाद के निकट एक परमाणु संयंत्र ओसिराक़ के निर्माण का काम शुरू किया था, लेकिन जून 1981 में इस्राईल ने बमबारी करके उसे नष्ट कर दिया था।

फ़्रांस की सहायता से इराक़ ने राजधानी बग़दाद के निकट, अल तुवैसा परमाणु केंद्र में 40 मेगा वाट का हल्के पानी का परमाणु रिएक्टर तैयार कर लिया था।

बग़दाद का कहना था कि वह फ़्रांस के सहयोग से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ओसिराक़ परमाणु संयंत्र का निर्माण कर रहा है, लेकिन इस्राईल का दावा था कि बग़दाद का उद्देश्य परमाणु हथियार विकसित करना है।

हालांकि मध्यपूर्व के पूरे क्षेत्र में ज़ायोनी शासन के पास परमाणु हथियार हैं और उसने आज तक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के पर्यवेक्षकों को अपने परमाणु संयंत्रों की निगरानी की अनुमति नहीं दी है। msm

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