Sep ३०, २०२० २३:०५ Asia/Kolkata
  • दूतावास बंद करने की धमकी, एक ग़ैर क़ानूनी क़दम की आड़!

अमरीका ने बग़दाद में अपने दूतावास में C-RAM नामक एयर डिफ़ेंस सिस्टम स्थापित कर दिया है।

इराक़ के समाचारिक सूत्रों ने बताया है कि अमरीका ने बग़दाद में अपने दूतावास में सी-रेम नामक एयर डिफ़ेंस सिस्टम स्थापित कर दिया है। यह ऐसी स्थिति में है कि जब इससे पहले अमरीकी अधिकारियों ने इराक़ सरकार को धमकी दी थी कि बग़दाद के ग्रीन ज़ोन में स्थित अमरीका के दूतावास को बंद कर दिया जाएगा। अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी इससे पहले इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह और प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी से टेलीफ़ोन पर बात करते हुए अमरीकी दूतावास को बंद करने की धमकी दी थी।

 

इराक़ के प्रधानमंत्री ने मंगलवार को बताया था कि अमरीका व यूरोपीय देशों ने बग़दाद में अपने दूतावास बंद करने और इराक़ सरकार के साथ सहयोग रोकने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि इन देशों ने औपचारिक रूप से कहा है कि अगर इराक़ की सरकार ग्रीन ज़ोन में हो रहे राॅकेट हमलों को रोकने में नाकाम रहती है तो वे अपने अपने दूतावास बंद कर देंगे और इराक़ से हर प्रकार का सहयोग रोक देंगे। इराक़ी संसद में विदेशी संबंधों के आयोग के उप प्रमुख ने भी बताया है कि यूरोपीय संघ, अमरीका व कनाडा के राजदूत जल्द ही एक बैठक करने वाले हैं जिसमें सामूहिक रूप से 11 देशों के दूतावासों को बंद करने के बारे में फ़ैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमरीका का कहना है कि उसे इस बात की पुष्ट जानकारी मिली है कि बग़दाद के ग्रीन ज़ोन में उसके दूतावास पर वैसा ही हमला करने की योजना बनाई गई है जैसा तेहरान में उसके दूतावास पर हुआ था और उसके राजदूत की उसकी तरह हत्या की जा सकती है जैसी लीबिया के बिन ग़ाज़ी क्षेत्र में अमरीकी राजदूत की गई थी। उनका कहना था कि अमरीका ने कहा है कि अगर इस प्रकार की कोई कार्यवाही होती है तो बहुत कड़ा जवाब देगा क्योंकि अगर अमरीकी दूतावास पर हमला होता है तो इसके परिणाम में डोनल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति चुनाव हार सकते हैं।

 

इस बीच जेरूसलम पोस्ट ने लिखा है कि अमरीका अगर बग़दाद में अपने दूतावास को बंद करता है तो उसे अत्यंत कठिन परिस्थिति का सामना होगा। अलबत्ता अमरीका ने अपने दूतावास में जो सी-रेम एयर डिफ़ेंस सिस्टम लगा दिया है उससे तो ऐसा ही लगता है कि दूतावास बंद करने का दावा केवल प्रचारिक हथकंडा है। इसके अलावा यह भी संभव है कि दूतावास बंद करने की धमकी को अमरीका ने एक ग़ैर क़ानूनी काम यानी दूतावास में एयर डिफ़ेंस सिस्टम लगाने के लिए आड़ के तौर पर इस्तेमाल किया हो। इराक़ी हल्क़ों का कहना है कि अमरीका ने यह क़दम उठा कर बग़दाद में अपने दूतावास को सैन्य छावनी में बदल दिया है। इराक़ के कई टीवी चैनलों का कहना है कि अमरीकी दूतावास में सी-रेम एयर डिफ़ेंस सिस्टम स्थापित किये जाने से बग़दाद के लोगों में भय उत्पन्न हो गया है और वे इसे अपने लिए सीधी सीधी धमकी समझ रहे हैं।

 

इराक़ के अलइत्तेजाह टीवी चैनल पर एक राजनैतिक टीकाकार ने कहा कि क़ानूनी दृष्टि से अमरीका का यह क़दम अवैध और क़ानून का उल्लंघन है क्योंकि कोई भी देश, किसी भी देश को इस बात की अनुमति नहीं देता कि वह अपने दूतावास के अंदर एयर डिफ़ेंस सिस्टम स्थापित करे। विशेष रूप से ऐसी स्थिति में जब वहां पर अनेक देशों के दूतावास हों और सरकार के मुख्य केंद्र भी स्थित हों। टीकाकारों की ओर से अमरीका के इस क़दम को ग़ैर क़ानूनी बताए जाने के साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्ता, अमरीका के दूतावास को बग़दाद के बजाए किसी दूसरी जगह पर स्थानांतरित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। (HN)

 

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