Oct ०१, २०२० २२:३१ Asia/Kolkata
  • तो क्या सऊदी अरब भी चुनाव के बाद इस्राईल से संबंध बना लेगा? लेबनानी समाचार पत्र का जायज़ा

आजकल अरब देशों में इस्राईल के साथ संबंध बनाने के लिए होड़ लगी हुई है लेकिन इन सब में सऊदी अरब का मामला अलग है । इस बारे में लेबनान के समाचार पत्र अलअखबार ने एक जायज़ा पेश किया है।

जैसे जैसे दिन गुज़रता जा रहा है, सऊदी अरब द्वारा इस्राईल के साथ संबंध बनाने पर चर्चा गहराती जा रही है। मतलब सऊदी अरब अपना रास्ता समतल कर रहा है ताकि अमरीका में चुनाव से पहले वह इस्राईल के साथ संबंध बनाने की दिशा में बढ़ जाए और अगर कोई समस्या न हो तो फिर वह भी यूएई और बहरैन की तरह इस्राईल के साथ अपने संबंधों का एलान कर दे।

      इस्राईली सूत्रों का दावा है कि रियाज़ के साथ सपंर्क बना हुआ है इसी मध्य इस्राईली मीडिया का कहना है कि अगले कुछ दिनों में  सूडान और ओमान भी इस्राईल के साथ संबंध सामान्य बना सकते हैं और यह सब अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव के निकट होने के साथ ही होगा क्योंकि अमरीका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की वजह से ही इस प्रक्रिया में तेज़ी आयी है।

इस्राईली समाचार पत्र मआरियो ने लिखा है कि अगले सप्ताह, इस्राईल से कुछ और इस्लामी देश संबंध बनाएंगे। इस समाचार पत्र के अनुसार, अगला नाम , सूडान और ओमान का है जिन्होंने इस्राईल के साथ वार्ता की है और यह वार्ता, अमरीका की देख रेख में हुई है।

इस्राईली सूत्रों के अनुसार पहले सूडान, इस्राईल के साथ संबंध सामान्य बनाने का एलान करेगा, हालांकि यह एलान पिछले हफ्ते होने वाला था लेकिन सूडान के शासकों ने बेहतर समझा कि एलान में देर करें ताकि अंतरिम सरकार, सत्ता, संसद के हवाले कर दे अलबत्ता इस बात का भी ख्याल रखा गया है कि यह काम, अमरीका द्वारा सूडान पर दबाव बढ़ाने से पहले ही हो जाए।

 

     इसी मध्य इसराईली विदेशमंत्रालय के पूर्व अधिकारी, डोरी गोल्ड ने एक वार्ता में बताया है कि इस्राईल और सऊदी अरब भी राजनीतिक सहमति की ओर बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि बहरैन सऊदी अरब की हरी झंडी के बिना, इस्राईल से संबंध नहीं स्थापित कर सकता था। लेकिन इसके साथ ही गोल्ड का कहना है कि सऊदी अरब, बहुत जल्दी, इस्राईल से अपने संबंधों का एलान नहीं करेगा।

      इसी के साथ ही रियाज़ में शाही परिवार के निकट तीन सूत्रों ने बताया है कि क्राउन प्रिंस, बिन सलमान , चुनाव से पहले ट्रम्प को राजनीतिक उपलब्धि पेश नहीं कर सकते भले ही इस बारे में कुश्नर और बिन सलमान के बीच बात चीत जारी है। जानकारों का मानना है कि फिलहाल और इस चरण में सऊदी अरब, अरब देशों को इस्राईल के साथ संबंध स्थापित करने पर तैयार करने की ही भूमिका तक सीमित रहना चाहता है जैसा कि उसने यूएई और बहरैन के बारे में किया है। सूत्रों का कहना है कि बिन सलमान यह चाहते हैं कि कोई एसा समझौता हो जिसके अंतर्गत वह व्यापारिक सहयोग के साथ ही ईरान के खिलाफ एक गठजोड़ बना सकें।

      इस्राईली समाचार पत्र हारित्ज़ का कहना है कि इस्राईल के साथ संबंध बनाने के बारे में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस बिन सलमान और सऊदी नरेश के बीच मतभेद है

     इस्राईली समाचार पत्र ने यह सवाल किया है कि क्या सऊदी नरेश यह साबित करना चाहते हैं कि सऊदी अरब की विदेश नीतियां अब भी वही निर्धारित करते हैं? या फिर बाप बेटे के बीच यह मतभेद , दो पीढ़ियों में पाए जाने वाले अंतर की वजह से है ? या फिर अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव और अगले राष्ट्रपति के चयन तक हालात को समझने की यह कोई रणनीति है?Q.A.

 

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