Oct २७, २०२० ११:२४ Asia/Kolkata

इराक़ी जनता और धार्मिक हस्तियों ने फ़्रांस के राष्ट्रपति की ओर से पैग़म्बरे इस्लाम (स) के अपमानजनक कार्टून के दोबारा प्रकाशित किए जाने और विवादित बयान करते हुए बग़दाद में फ़्रांस के दूतावास के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन किए।

इराक़ी प्रदर्शनकारियों ने कल बग़दाद के कर्रादा क्षेत्र के क़हरमाना स्क्वायर पर फ़्रांस के दूतावास के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन करते हुए फ़्रांस के राष्ट्रपति के विवादित और अपमानजनक बयान की निंदा करते हुए उनसे माफ़ी मांगने की मांग की।

इराक़ी प्रदर्शनकारियों के हाथों में इराक़ और स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी के झंडे थे और वे फ़्रांस की वस्तुओं के बहिष्कार की मांग कर रहे थे।

 

इससे पहले इराक़ी सांसदों, धार्मिक नेताओं और राजनेताओं ने फ़्रांस के राष्ट्रपति के अपमानजनक बयान की निंदा करते हुए इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी से मांग की थी कि वह अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में मैक्रां के विरुद्ध मुक़द्दमा दर्ज करे।

उधर लीबिया, बहरैन, तुर्की और बांग्लादेश सहित अधिकतर मुस्लिम देशों में फ़्रांस के विरुद्ध प्रदर्शनों का क्रम जारी है।   

फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने पैग़म्बरे इस्लाम और इस्लाम के ख़िलाफ़ बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था जिसके बाद इस्लामी जगत के स्तर पर यह मांग उठी कि फ़्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार किया जाए।

ज्ञात रहे कि जारी महीने में फ़्रांस के एक स्कूल में एक प्रोफ़ेसर ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पाठ के दौरान विवादित फ़्रांसीसी पत्रिका चार्ली हेब्दू के 2006 में प्रकाशित अपमानजनक कार्टून दिखाए थे।

जिसके कुछ दिन बाद एक व्यक्ति ने उक्त प्रोफ़ेसर का गला काट दिया था जिसे पुलिस ने घटनास्थल पर ही गोली मार दी थी। इस मामले को किसी आतंकी संगठन से जोड़ दिया गया था।

उक्त घटना के बाद फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने अपमानजनक कार्टून दिखाने वाले प्रोफ़ेसर को हीरो और फ़्रांस के लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक क़रार दिया था और फ़्रांस के सबसे बड़े नागरिक सम्मान से सम्मानित किया था। (AK)

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