Oct २७, २०२० १५:१५ Asia/Kolkata
  • हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ संभावित युद्ध के मद्देनज़र, इस्राईल का बड़ा युद्ध अभ्यास

इस्राईली सेना ने हिज़्बुल्लाह के नक़ली ठिकानों का निर्माण करके, बड़े पैमाने पर युद्ध अभ्यास किया है।

कई दिनों तक चलने वाला यह युद्ध अभ्यास, जिसे "डेडली एरो" नाम दिया गया है, रविवार से शुरू हुआ है।

इस्राईली सेना ने इस वर्ष अब तक के सबसे बड़े युद्ध अभ्यास की योजना बनाई थी, कोरोना वायरस महामारी के चलते, इसका स्तर काफ़ी कम कर दिया गया है।

इस्राईली सेना का कहना है कि युद्ध अभ्यास में उत्तरी क्षेत्र को नज़र में रखकर मुख्यालय और कमांड सेंटर स्थापित किए गए हैं और युद्ध की स्थिति में संपर्क और संचार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

बयान में कहा गया है कि इस युद्ध अभ्यास का एक मक़सद, सेना के हमले की क्षमता में सुधार करना और युद्ध के सभी तरीक़ों का परीक्षण करना है।

हालांकि ज़ायोनी आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ एविव कोहावी द्वारा कोरोना वायरस महामारी के दौरान, युद्ध अभ्यास का आयोजन करने को लेकर ख़ुद इस्राईली सेना के भीतर से विरोध की आवाज़ें उठ रही हैं।

लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन ने पिछले दो दशक के दौरान, इस्राईल से 2 युद्ध लड़े हैं। पहला सन् 2000 और दूसरा 2006 में और दोनों ही युद्ध में उसने इस्राईली सेना को धूल चटाई है।

लेबनान और इस्राईल तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में हैं, क्योंकि 1997 से इस्राईल ने लेबनान के शेबा फ़ार्मस इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर रखा है।

हिज़्बुल्लाह का कहना है कि वह इस्राईल के हर तरह के हमले का मुक़ाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। msm

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