Oct २७, २०२० १७:०३ Asia/Kolkata
  • यूएई, बहरीन और सूडान के बाद कौन सा अरब देश, इस्राईल को मान्यता देने वाला है?

इस्राईली अधिकारियों का कहना है कि यूएई, बहरीन और सूडान के बाद, इस्राईल के साथ संबंधों का सामान्य बनाने का समझौता करने वाला अगला देश, ओमान होगा।

इस्राईल के टीवी चैनल-2 ने इस्राईली अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि संभव है अमरीका में 3 नवम्बर को आयोजित होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले ही इस्राईल और ओमान इस समझौते पर हस्ताक्षर कर दें।

हालांकि कुछ सूत्रों का यह भी कहना है कि मसक़त इसके लिए अभी कुछ वक़्त ले सकता है, इसलिए कि कोई भी बड़ा फ़ैसला करने से पहले वह अमरीका में चुनाव के बाद, हवा का रुख़ देखना चाहेगा।

ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प इस्राईल के साथ अरब देशों के संबंधों को सामान्य बनाने का श्रेय लेकर, चुनाव में अमरीकी मतदाताओं को प्रभावित करना चाहते हैं। यही वजह है कि वह चुनाव से पहले सऊदी अरब पर भी इसके लिए दबाव डाल रहे हैं, लेकिन परिस्थितियों ने रियाज़ को ऐसा कोई भी क़दम उठाने से रोक रखा है।

हाल ही में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा था कि अगर उन्होंने इस्राईल को मान्यता दी तो ख़ुद उनके ही लोग उनकी हत्या कर देंगे।

फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों के पिछले कई वर्षों से ख़ुफ़िया राजनीतिक व आर्थिक संबंध रहे हैं, जिन्हें अब मंज़रे आम पर लाया जा रहा है।

इस्राईली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने 2018 में ओमान का ख़ुफ़िया दौरा किया था, जिसके बाद ख़ुद उन्होंने ही इसे सार्वजनिक किया था और ओमान के पूर्व सुल्तान क़ाबूस बिन सईद अल सईद से मुलाक़ात की थी।

सुल्तान क़ाबूस क जनवरी में निधन हो गया था, जिसके बाद उनके चचाज़ाद भाई हैसम बिन तारिक़ अल-सईद को उनका उत्तराधिकारी घोषित किया गया।

टाइम्स ऑफ़ इस्राईल की रिपोर्ट के मुताबिक़, मोसाद के डायरेक्टर योसी कोहेन का मानना है कि सऊदी अरब भी इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाएगा, लेकिन अमरीकी चुनाव के बाद, ताकि वह अमरीका के अगले राष्ट्रपति के शासनकाल में इस क़दम का भरपूर लाभ उठा सके। msm

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