Oct ३१, २०२० १५:१४ Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब ने इस्राईल को मान्यता दी तो ईरान या क़तर नहीं, बल्कि सऊदी क्राउन प्रिंस की हत्या शाही परिवार के हाथों होगी, अल-रशीद

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) को डर है कि अगर उन्होंने इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने का समझौता किया तो ईरान, क़तर या ख़ुद उनके ही लोग उनकी हत्या कर देंगे।

हालांकि प्रसिद्ध सऊदी विद्वान मदावी अल-रशीद ने अमरीकी-इस्राईली अरबपति, हाइम साबान द्वारा एमबीएस के हवाले से किए गए इस दावे को ख़ारिज कर दिया है कि इस्राईल को मान्यता देने के कारण ईरान, क़तर और ख़ुद उनके ही लोग उनकी हत्या कर देंगे।

अल-रशीद का कहना है कि ईरान या क़तर में से कोई भी उनकी हत्या पर विचार तक नहीं कर रहा है, बल्कि सऊदी क्राउन प्रिंस का दुःस्वप्न ख़ुद उनके शाही प्रतिद्वंद्वियों के बारे में है, जो उनकी हत्या का मौक़ा हाथ से नहीं जाने देंगे।

उन्होंने कहा कि सऊदी शाही परिवार में अब तक जो भी हत्या हुई है, वह शाही परिवार के सदस्यों के हाथों से ही हुई है।

उन्होंने इस ऐतिहासिक तथ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि 19वीं शताब्दी से जितने भी सऊदी राजकुमारों या राजाओं की हत्याएं हुई हैं, वह उनके भाई, चाचा या भतीजे द्वारा ही हुई हैं। सऊदी शाही महल में आख़िरी हत्या 1975 में हुई थी, जब किंग फ़ैसल को उनके ही हमनाम भतीजे ने गोली मार दी थी।

शाही घराने में बदला, विश्वासघात और सत्ता संघर्ष ऐसी हत्याओं का मुख्य कारण रहा है, फ़िलिस्तीनी का मुद्दा या ऐसा ही कोई अन्य कारण इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं है।

अल-रशीद का कहना है कि एमबीएस इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक करने में जल्दबाज़ी नहीं करेंगे, बल्कि वह और उनके पिता किंग सलमान फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों के लिए केवल शोर मचाना जारी रखेंगे।

इसी के साथ एमबीएस, फ़िलिस्तीनी कॉज़ को कमज़ोर करने के और फ़िलिस्तीनियों के प्रति अरब जनता का समर्थन कम करने के लिए, मीडिया संसाधनों और अन्य स्रोतों का इस्तेमाल जारी रखेंगे, ताकि इस्राईल के साथ सऊदी अरब के रिश्तों को सार्वजनिक करने के लिए उचित माहौल साज़गार हो सके।

यूएई और बहरीन द्वारा इस्राईल को मान्यता दिए जाने के बाद, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कहा था कि सूडान भी इस्राईल के साथ ऐसा ही समझौता करने जा रहा है और सऊदी अरब भी जल्द ही इस्राईल को मान्यता देने वाले देशों में शामिल हो जाएगा।

15 सितम्बर को व्हाइट हाउस में इस्राईल, यूएई और बहरैन के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे।

हालांकि अक्तूबत के शुरू में सऊदी अरब के विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान अल-सऊद ने कहा था कि उनका देश जब तक इस्राईल को मान्यता नहीं देगा, जब तक इस्राईल और फ़िलिस्तीनी वार्ता की मेज़ पर इकट्ठे नहीं होते हैं।

फ़िलिस्तीनियों ने इस्राईल के साथ अरब देशें के समझौतों को ख़ारिज करते हुए इसे अपनी पीठ में छुरा घोंपना बताया है। msm

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