Nov ०२, २०२० १७:०३ Asia/Kolkata
  • यूएई का घिनौना चेहरा एक बार फिर आया सामने, मैक्रां के बयान का किया समर्थन

संयुक्त अरब इमारात का घिनौना चेहरा एक बार फिर दुनिया के सामने आया है। पैगंबरे इस्लाम (स) की शान में अपमानजनक टिप्पणी करने वाले फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रां के बयान की निंदा करने के बजाए यूएई के मंत्री ने उनके बयान का समर्थन किया है।

समाचार एजेंसी अरबी-21 की रिपोर्ट के मुताबिक़, संयुक्त अरब इमारात के अंतर्राषट्रीय मामलों में विदेश मंत्रालय के सलाहकार मंत्री अनवर क़रक़ाश ने जर्मनी के एक समाचार पत्र के साथ वार्ता करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति द्वारा पैग़म्बरे इस्लाम (स) के बारे में की गई अपमानजनक टिप्पणी की न केवल निंदा नहीं की बल्कि उन्होंने मैक्रां के बयान का समर्थन किया। अनवर क़रक़ाश ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैंक्रां ने मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए कोई बात कही है। उन्होंने कहा कि हमे मैक्रां के बयान को सही से समझना होगा।

अंतर्राष्ट्रीय मामलों में यूएई के विदेश मंत्रालय के सलाहकार एंव मंत्री अनवर क़रक़ाश ने कहा कि, मैक्रां की पश्चिम में मुसलमानों को अलग-थलग करने की कोई योजना नहीं है। उनको अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए की विश्व समाज के सामने अपने व्यवहार को बेहतर बनाएं। यूएई के मंत्री ने कहा कि, फ्रांस सरकार को इस बात का अधिकार है कि वह अपने समाज से कट्टरवाद और चरमपंथ का समाप्त करने के लिए प्रयास करे और उसको रोके।

संयुक्त अरब इमारात के मंत्री का मैक्रां से समर्थन में ऐसे समय में बयान सामने आया है कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने साफ़ तौर पर पैग़म्बरे इस्लाम (स) के बारे में छपने वाले अपमानजनक कॉर्टूनों का समर्थन किया है। इस बीच दुनिया भर में उनके बयान के ख़िलाफ़ व्यापक स्तर पर हो रहे प्रदर्शनों और फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार के बाद मैक्रां ने केवल अपने बयान को तोड़ मरोड़ के पेश किए जाने की बात कही है। जबकि मैक्रां ने अपने बयान पर किसी भी तरह की माफ़ी नहीं मांगी है।

उल्लेखनीय है कि फ़्रान्स के राष्ट्रपति अमानोएल मैक्रां ने फ्रांस के एक व्यांग पत्रिका में पैग़म्बरे इस्लाम (स) के बारे में छपरने वाले अपमानजनक कॉर्टून का खुलकर समर्थन किया था। फ़्रांस के राष्ट्रपति ने इस प्रकार के कार्टूनों का समर्थन करते हुए इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी बताया था और कहा था कि उनका देश इस प्रकार के कार्टूनों के प्रकाशन का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने हाल ही में पूरी दुनिया में उनके बयान पर हो रहे व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बावजूद एक ट्वीट करके कहा था कि हम नहीं झुकेंगे। इस बीच सऊदी अरब ने भी फ्रांस के राष्ट्रपति के बयान का समर्थन करते हुए उनके बयान की सही ठहराने की कोशिशों में लगे हुए हैं।

ज्ञात रहे कि फ़्रान्सीसी पत्रिका चार्ली हेब्दू में पिछले दिनों पुनः पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम का अनादर करने वाला एक कार्टून प्रकाशित किया गया। (RZ)

 

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