Nov १३, २०२० २०:१५ Asia/Kolkata
  • हिज़्बुल्लाह के महासचिव नसरुल्लाह के ताज़ा भाषण में तीन अहम बिंदू! हार से खिसयाए ट्रम्प के लिए भी चेतावनी

अरब जगत के प्रसिद्ध टीकाकार और रायुल यौम समाचार पत्र के संपादक ने हिज़्बुल्लाह के महासचिव द्वारा बुधवार को दिए गए भाषण का विश्लेषण करते हुए सैयद हसन नसरुल्लाह कही गई बातों में से तीन अहम बातों की ओर अब्दुल बारी अतवान ने इशारा किया है।

समाचार एजेंसी तसनीम की रिपोर्ट के मुताबिक़, अरब जगत के प्रसिद्ध टीकाकार अब्दुल बारी अतवान ने बुधवार को हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह द्वारा दिए गए का विश्लेषण करते हुए तीन अहम बिंदुओं की ओर इशारा किया है। शहीद दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को सैयद हसन नसरुल्लाह द्वारा दिया गया भाषण बहुत अहम था जिसमें दुनिया भर के लिए संदेश के रूप में तीन बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदू शामिल थे।

पहला बिंदूः अमेरिका के हारे हुए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को कड़ी चेतावनी। सैयद हसन नसरुल्लाह ने ट्रम्प चेतावनी देते हुए कहा कि, बचे हुए दो महीनों के अपने कार्यकाल में अगर किसी भी तरह की ईरान और हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ ग़लती करने की कोशिश की तो उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने अचानक अपने रक्षा मंत्री को हटाया है और पेंटागॉन में अचानक से शुरू हुई संदिग्ध गतिविधियों से साज़िश की बू आ रही है।

दूसरा बिंदूः समुद्री सीमा की रूप रेखा तय करने के लिए अलनाक़ूरा इलाक़े में इस्राईली सेना के प्रतिनिधियों होने वाली वार्ता का ज़िम्मेदारी सरकार की है और यह पूरा विषय लेबनानी सरकार से संबंधित है। इस तरह की सारी ख़बरें बेबुनियाद और झूठी हैं कि जिसके ज़रिए यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि हिज़्बुल्लाह और सीरिया ज़ायोनी शासन के साथ संबंधों के स्थापित करने के लिए वार्ता कर रहे हैं। न ही हिज़्बुल्लाह और न ही सीरिया इस्राईल के साथ खुलकर या छिपकर किसी भी तरह की कोई वार्ता नहीं कर रहा है। यह झूठ केवल आम जनमत के उस आक्रोश को कम करने के लिए फैलाया जा रहा है जो उनके अंदर संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और सूडान द्वारा ज़ोयीनी शासन के साथ आधिकारिक संबंध स्थापित करने के एलान के बाद पैदा हुआ है।

तीसरा बिंदूः लेबनान के नेशनल लिबरेशन फ्रंट के नेता जबरान बासील के साहस की प्रशंसा। हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा कि जबरान बासील पर अमेरिका के ओर से बहुत दबाव बनाया गया कि वह हिज़्बुल्लाह से अपने संबंधों को समाप्त कर लें नहीं तो उनपर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा, लेकिन वह अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुके और प्रतिबंधों को स्वीकार कर लिया।

अब्दुल बारी अतवान

अब्दुल बारी अतवान ने इस्राईली समाचार पत्र ह्यूम की एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए लिखा है कि, तेल अवीव लगातार फ़ार्स की खाड़ी के अन्य अरब देशों और शासकों के साथ अपने संबंध स्थापित करने और गठबंधन बनाने की कोशिश में लगा हुआ है ताकि वह हिज़्बुल्लाह को एक आतंकवादी संगठन के तौर पर पेश कर सके। साथ ही ज़ायोनी शासन चाहता है कि अपने अरब सहयोगियों के साथ मिलकर हिज़्बुल्लाह के बारे में दुनिया भर के दृष्टिकोण को बदल सके।

अरब जगत के इस प्रसिद्ध टीकाकार ने सऊदी नरेश के द्वारा ईरान के ख़िलाफ की गई ताज़ा टिप्पणी का भी विश्लेषण किया है। सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने अमेरिका के साथ अपने हालिया बयान में ईरान पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। अतवान ने इसी तरह अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो द्वारा हाल के दिनों में की गई क्षेत्र की यात्रा और उसके ख़ुफ़िया उद्देश्यों के बारे में भी इशारा किया है। उन्होंने लिखा है कि पोम्पियो ट्रम्प और उनकी शत्रुतापूर्ण प्रवृत्तियों के बहुत क़रीब हैं और इसी तरह वह नेतनयाहू और इस्राईल के भी बहुत ही कट्टर समर्थक हैं। साथ ही उन्हें ईरान, हिज़्बुल्लाह और प्रतिरोध के धुरी देशों से सख़्त नफ़रत है। (RZ)

 

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