Nov २४, २०२० १३:५९ Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब का पहले इंकार और अब इक़रारः आरामको तेल कंपनी के प्रतिष्ठान पर लगा है यमनी क्रूज़ मिसाइल…क्या यह तेहरान का कोई संदेश है?

सऊदी प्रशासन ने पहले इंकार किया और फिर यह बात मानी कि यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन और सेना की मिसाइल युनिट के हमले के नतीजे में एक क्रूज़ मिसाइल जिद्दा नगर में आरामको तेल कंपनी के प्रतिष्ठान पर लगा है जिसके बाद आग लग गई।

पहले सऊदी प्रशासन की ओर से इस बात का खंडन किया गया कि आरामको के प्रतिष्ठान पर मिसाइल गिरा है। अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट आई कि प्रतिष्ठान का एक हिस्सा ख़ुद बख़ुद गिर गया मगर फिर सऊदी सैन्य एलायंस के प्रवक्ता तुर्की अलमालेकी ने सोमवार की शाम कहा कि आरामको के प्रतिष्ठान पर मिसाइल हमला हुआ है और यह अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सप्लाई और सुरक्षा पर हमला है।

मालेकी ने कहा कि यह हमला गत वर्ष 14 सितम्बर को पूर्वी शहरों बक़ीक़ और ख़रीस में आरामको के प्रतिष्ठानों पर होने वाले बड़े ड्रोन व मिसाइल हमले की ही एक कड़ी है।

प्रवक्ता ने फिर घिसा पिटा दावा दोहराया कि ईरान ने यमन के हूतियों को क्रूज़ मिसाइल और ड्रोन विमान दिए हैं।

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने सरकारी मीडिया को बताया कि मिसाइल हमले के बाद प्रतिष्ठान में आग लग गई लेकिन इससे कोई जानी नुक़सान नहीं हुआ और तेल की सप्लाई भी बंद नहीं हुई।

यमन की सेना के प्रवक्ता यहया अलसरीअ ने इस हमले का एलान करते हुए कहा ट्वीट किया था कि हमलों का जवाब देते हुए हमने सऊदी अरब के काफ़ी भीतर एक टारगेट पर बड़ा हमला किया है। प्रवक्ता ने कहा कि यह हमला क़ुद्स-2 नामक मिसाइल से किया गया। प्रवक्ता ने विदेशी कंपनियों को चेतावनी दी है कि वह सऊदी अरब के तेल, आर्थिक और सामरिक प्रतिष्ठानों से दूर रहें क्योंकि यह सब हमारे निशाने पर हैं।

कई दिन पहले भी यमन की सेना और अंसारुल्लाह आंदोलन की ओर से चेतावनी दी गई थी कि सऊदी अरब की ओर से यमन की नाकाबंदी और यमन के इलाक़ों पर हमले जारी रहने के जवाब में हम सऊदी अरब के भीतर बड़े हमले करेंगे।

जेनेवा स्टडीज़ सेंटर के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ नासिर ज़ुहैर ने कहा कि अरामको पर हमला दरअस्ल तेहरान की ओर से कड़ा संदेश है कि अगर ईरान के प्रतिष्ठानों पर कोई भी हमला हुआ तो पूरे इलाक़े में आग लग जाएगी।

ईरान का कहना है कि वह यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन का समर्थन कर रहा है लेकिन उन्हें हथियारों की सप्लाई नहीं कर रहा है बल्कि यमनी ख़ुद अपनी मेहनत से रक्षा उपकरण तैयार कर रहे हैं।  

 

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