Nov २४, २०२० १४:१७ Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब ने स्वीकारा कि यमनियों ने उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी पर एक और वार किया है

सऊदी शासन ने पुष्टि कर दी है कि यमन के अल-हौसी आंदलोन ने उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी समझी जाने वाली अरामको तेल कंपनी के एक प्रतिष्ठान पर मिसाइल से हमला किया है।

सऊदी न्यूज़ एजेंसी एसपीए की रिपोर्ट के मुताबिक़, यमन विरोधी सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालेकी ने जेद्दाह स्थित अरामको तेल कंपनी के एक तेल वितरण स्टेशन पर यमनियों के मिसाइल हमले की पुष्टि की है।

अल-मालेकि का दावा है कि यमन के अल-हौसी आंदोलन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और उसके आपूर्ति मार्गों के मुख्य केन्द्र को निशाना बनाया है।

ग़ौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को तड़के जेद्दाह स्थित तेल प्रतिष्ठान पर हुए मिसाइल हमले की ज़िम्मेदारी यमन के अंसारुल्लाह (अल-हौसी) आंदोलन ने ली थी, लेकिन सऊदी अरब ने शुरू में ऐसे किसी भी हमले से इनकार किया था।

यह हमला ऐसे वक़्त में हुआ जब अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और इस्राईली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू सऊदी अरब के ख़ुफ़िया दौरे पर थे।

हालांकि शुरूआती इनकार के बाद, सोमवार को ही सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने जेद्दाह में अरामको कंपनी पर यमनी मिसाइल हमले की पुष्टि कर दी थी।

हमले के तुंरत बाद, यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता यहया सरी ने एक बयान जारी करके कहा था कि अरामको कंपनी के प्रतिष्ठान पर क़ुद्स-2 विंग मिसाइल दाग़ा गया है, जो सटीक रूप से अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।

सरी के मुताबिक़, क़ुद्स-2 नई पीढ़ी का एक विंग मिसाइल है। उसके सफल परीक्षण के बाद हाल ही में उसे सेना को सौंपा गया है। यह मिसाइल सऊदी अरब के काफ़ी भीतर तक दाग़ा गया है, जिसकी जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

यमनी सेना के प्रवक्ता का कहना था कि यह हमला, सऊदी अरब के हवाई हमलों के जवाब में किया गया है।

इससे पहले सितम्बर 2019 में यमन ने अरामको कंपनी के दो तेल प्रतिष्ठानों अबक़ीक़ और ख़ुरैस पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे, जिससे सऊदी अरब को भारी आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ा था और पूरी दुनिया में इस हमले की गूंज सुनाई दी थी। msm

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