Nov २९, २०२० १८:५८ Asia/Kolkata
  • इस्लामी जगत के कैसे कैसे वैज्ञानिकों की हत्या का ज़िम्मेदार है इस्राईल, देखें लिस्ट... एक अरब का आइस्टाइन तो दूसरा एडीसन

ईरान और इस्राईल के बीच परमाणु टकराव की सब से खतरनाक घटना शुक्रवार की शाम उस समय घटी जब ईरान के वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फख्रीज़ादे की हत्या कर दी गयी।

     ईरान के एक और वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक की हत्या के बाद एक बार फिर इस्राईल द्वारा मुस्लिम वैज्ञानिकों की हत्या का मुद्दा उठ रहा है और लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं। अस्ल में अभी कुछ ही दिन पहले ही मिस्र के परमाणु वैज्ञानिक अबूबक्र अब्दुलमुनइम रमज़ान को मोरक्को में मार डाला गया। मोरक्को के होटल में जूस पीने के बाद उनकी तबीअत बिगड़ गयी और अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। वह ईरान की परमाणु बिजलीघर और इस्राईल के परमाणु प्रतिष्ठान डेमोना के संभावित प्रभावों की जांच करने वाली एक टीम के सदस्य थे।

     इस्राईल की खुफिया एजेन्सी अरब और मुस्लिम वैज्ञानिकों की हत्या करने के लिए पहले से ही बदनाम है। सन 2018 में ईमान हुसाम नामक फिलिस्तीनी युवा वैज्ञानिक की लाश उसके अपार्टमेंट में मिली थी और क़ातिलों का अब तक पता नहीं चल सका। इसी तरह एक अन्य फिलिस्तीनी वैज्ञानिक, फादी अलबतश की मलेशिया की राजधानी क्वाललमपुर में हत्या कर दी गयी। 16/12/2016 को ट्यूनेशिया के वैज्ञानिक मुहम्मद अज़्ज़वारिई की हत्या हो गयी। इसी तरह कहा जाता है कि इराक़ के साढ़े पांच हज़ार वैज्ञानिकों की हत्या के पीछे इस्राईल का ही हाथ है।

     ईरान के दस परमाणु वैज्ञानिकों  की हत्या की जा चुकी है और कई पर नाकाम हमला हो चुका है। इस्राईल की खुफिया एजेन्सी द्वारा ईरानी व अरब बल्कि मुस्लिम वैज्ञानिकों पर हमले की सूचि बहुत लंबी है। इस सूचि में हर क्षेत्र के वैज्ञानिक और बुद्धिजीवी शामिल हैं।

     वास्तव में इस्राईल को  इस्लामी जगत में उभरने वाले वैज्ञानिकों और इस्लामी देशों के विकास से बहुत अधिक डर लगता है। इराक़ को इस लिहाज़ से भी इस्राईल ने तबाह कर डाला। इस्राईली सुरक्षा संस्थाओं ने अपनी रिपोर्ट में साफ साफ कहा है कि सैनिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में इराक़ के विकास से इस्राईल की रगों में खून जम जाता है। ईरान व इराक़ के अलावा,  इस्राईल द्वारा मारे गये इस्लामी जगत के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के कुछ नाम इस तरह  यह हैं।

 

1- सुमैरा मूसा

     मिस्र की परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर सुमैरा मूसा को अमरीका एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए बुलाया गया। अगस्त सन 1952 में वह अमरीका गयीं। 15 अगस्त सन 1952 की सुबह वह भारतीय ड्राइवर के साथ कैलीफोर्निया के लिए निकलीं लेकिन पहाड़ी इलाक़े में उनकी कार को एक कार ने टक्कर मार दी जिससे उनकी कार खांई में गिर गयी और उनकी मौत हो गयी।

 

 

 2- डॉक्टर अल्लामा अली मुस्तफा मुशरेफा

     डॉक्टर अली मुस्तफा मुशरेफा ब्रिटेन से पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले पहले मिस्री थे। उन्हें फिज़िक्स में विश्व भर में ख्याति मिली। सन 1898 में मिस्र में जन्में मुस्तफा मुशरेफा को अरबों का आइन्स्टाइन कहा जाता है। उनकी हत्या के बाद पता चला कि उन्होंने अमरीकी नागरिकता लेने से इन्कार कर दिया था। आइन्स्टाइन ने उनके मरने के बाद कहा था कि मुझे यकीन नहीं कि मुशरेफा मर चुके हैं अगर वह मर गये तो समझो आधा ज्ञान मर गया।

 

3-  डॉक्टर जमाल हमदान

मिस्र के सब से बड़े भुगोल शास्त्री और मिस्र की पहचान नामक किताब लिखने वाले प्रसिद्ध लेखक। उन्होंनें यहूदियों पर अपनी मशहूर किताब में  यह साबित किया है कि वर्तमान यहूदी उन यहूदियों के वंश से नहीं हैं जो फिलिस्तीन से भागे थे। सन 1993 में उनकी अधजली लाश मिली। उनकी मौत की सही वजह का पता नहीं चल पाया। इसके साथ यहूदियों वह अधूरी किताबें भी गायब थीं जिन्हें लिखने में वह व्यस्त थे।

 

4- समीर नजीब

     समीर नजीब मिस्र के वह परमाणु वैज्ञानिक थे जिन्हें अरब जगत के वैज्ञानिकों का युवा चेहरा कहा जाता था। वह अमरीका में गये और वहां अनुसंधान और शोधों में हिस्सा लिया लेकिन 33 साल की आयु में ही मर गये। वजह का पता नहीं चल पाया।

 

5-डॉक्टर सईद सैयद बदीर

सईद बदीर भी मिस्र के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्हें सेटेलाइट और अंतरिक्ष विज्ञान में ख्याति प्राप्त थी। 14 जूलाई सन 1989 में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी।

 

6- डॉक्टर नबील अलक़लीनी

नबील क़लीनी की कहानी भी बहुत विचित्र है। मिस्र के यह प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक बड़ी तेज़ी से पूरी दुनिया में मशहूर हो रहे थे कि 27 जनवरी सन 1975 की सुबह उनके अपार्टमेंट की घंटी बजी वह दरवाज़े पर गये और फिर वापस नहीं आए, आज तक।

 

7-डॉक्टर  नबील अहमद फुलैफिल

नबील अहमद फिलिस्तीन के युवा परमाणु वैज्ञानिक थे। वह अमअरी शरणार्थी शिविर में रहते थे। उन्हें अमरीका सहित कई पश्चिमी देशों से पलायन करके वहां काम करने का न्योता मिला लेकिन वह अपने देश फिलिस्तीन के लिए कुछ करना चाहते थे। 28/4/1984 में बैत ऊर नामक क्षेत्र में उनकी लाश मिली। जांच में अब तक कुछ नहीं पता चल सका।

 

     8- डॉक्टर सामिया अब्दुर्रहीम मैमनी

सऊदी अरब की डॉक्टर सामिया न्यूरो सर्जरी में विश्व भर में मशहूर हो गयी थीं। उन्होंने सर्जरी के लिए कई अविष्कार किये थे।  अमरीका ने उनके कुछ अध्ययनों और अविष्कारों के बदले अमरीकी नागरिकता और भारी रक़म का प्रस्ताव दिया था लेकिन उन्होंने प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। फिर एक दिन अचानक सीएनएन में उनकी लाश की फोटो और उनके मरने की खबर प्रसारित की गयी।  

 

9-डॉक्टर सलवा हबीब

सलवा हबीब अफ्रीका में ज़ायोनी कार्यक्रमों और योजनाओं पर काम कर रही थीं और इस बारे में वह किताब भी लिख चुकी थीं। अफ्रीका में ज़ायोनी साज़िश नाम की उनकी किताब छपने ही वाली थी कि एक दिन उनकी अपार्टमेंट में उनकी लाश मिली। उनका सिर काट दिया गया था। अब तक उनके हत्यारों का पता नहीं चल सका।

 

10-डॉक्टर हसन कामिल सबाह

हसन कामिल सबाह को अरब जगत का एडीसन कहा जाता था। उन्होंने लगभग 176 इलेक्ट्रानिक अविष्कार किये हैं। 31 मार्च सन 1935 में घर वापसी के दौरान उनकी कार खाई में गिर गयी और अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टर उनकी मौत के कारण का पता नहीं लगा पाए। उनके शरीर पर घाव भी नहीं था मगर वह मर गये थे।

 

11- रम्माल हसन रम्माल

लेबनान के रम्माल हसन फिज़िक्स के मशहूर वैज्ञानिक थे। फ्रांस में वह काफी मशहूर थे। एक दिन प्रयोगशाला में उनका शव मिला। हसन सबाह की तरह उनके शरीर पर भी कोई घाव नहीं था और मरने की वजह का पता नहीं चल पाया।

 

12- यहया अलमशद

अमरीका और इस्राईल ने कुछ दिन पहले औपचारिक रूप से मिस्र के इस वैज्ञानिक की हत्या की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है। डिस्कवरी चैनल की एक 45 मिनट की डाक्यूमेंट्री में यह बात कही गयी है। यह डाक्यूमेंट्री इस्राईली सेना के सहयोग से बनायी गयी है। डाक्यूमेंट्री,  सन 1981 में इराक के परमाणु प्रतिष्ठान पर हमले के बारे में है। डाक्यूमेंट्री में बताया गया है कि मोसाद ने फ्रांस में जासूसी करके सद्दाम के लिए काम करने वाले वैज्ञानिकों की लिस्ट प्राप्त कर ली थी और जब मशद ने इराक़ के परमाणु प्रतिष्ठानों के बारे में मालूमात देने से इन्कार कर दिया और मोटी रक़म की रिश्वत भी स्वीकार नहीं की तो उनकी हत्या का फैसला किया गया। 24/6/2012 को पेरिस के एक होटल के कमरे में उनकी लाश मिली। यह काम मोसाद के एजेन्टों ने किया था।Q.A. साभार,रायुल यौम, लंदन

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