Dec ०२, २०२० ००:३२ Asia/Kolkata
  • ईरान की धमकी से डरा सऊदी अरब, सुर बदले, संयम से काम लेने की अपील

संयुक्त राष्ट्र संघ में सऊदी अरब के राजदूत का कहना है कि रियाज़ हत्या की नीति का समर्थन नहीं करता।

संयुक्त राष्ट्र संघ में सऊदी अरब के राजदूत अब्दुल्लाह अलमुअल्लेमी ने कहा कि ईरान को अपने परमाणु वैज्ञानिक की हत्या के मामले में भावनाओं में नहीं बहना चाहिए।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के राजदूत ने रशा टूडे से वार्ता में दावा किया कि रियाज़, कभी भी हत्या की नीति स्वीकार नहीं करता।

उनका कहना था कि मुस्लिम वैज्ञानिक पर होने वाले हमले से पूरे इस्लामी जगत को नुक़सान उठाना पड़ता है।

अब्दुल्लाह अलमुअल्लेमी ने इस आतंकी हमले की निंदा की ओर कोई इशारा किए बिना ईरान से से संयम बरतने की मांग की और कहा कि वह कुछ भी न करे।

सऊदी अरब के राजदूत ने दावा किया कि भावनाओं में भरी प्रतिक्रिया के सकारात्मक प्रभाव सामने नहीं आएंगे और हम ईरान से अपील करते हैं कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में विश्व समुदाय के सामने अपनी सद्भावना सिद्ध करे ताकि फिर इस तरह अपने वैज्ञानिकों और संतानों को ख़तरे में न डाले।

उन्होंने शहीद डाक्टर मोहसिन फ़ख़्री ज़ादे की हत्या के जवाब में ईरान की ओर से यूरेनियम संवर्धन के स्तर को बढ़ाने की योजना को ग़ैर ज़िम्मेदाराना और परिणामों पर ध्यान दिए बिना क़रार दिया।

संयुक्त राष्ट्र संघ में सऊदी अरब के राजदूत ने दावा किया कि सऊदी सरकार ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए हमेशा प्रयास किए हैं लेकिन ईरानी पक्ष अपनी विध्वंसक कार्यवाहियों और अपने घटकों को हथियार और मीज़ाइलें भेजकर इन प्रयासों को सफल बनाने में रुकावट बना हुआ है।

ज्ञात रहे कि सऊदी अरब के विदेशमंत्रालय ने ईरान के परमाणु वैज्ञानिक की हत्या के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया जबकि कुवैत, बहरैन, संयुक्त अरब इमारात, क़तर, ओमान ने आधिकारिक रूप से बयान जारी करके इस घृणित कार्यवाही की निंदा की है। (AK)

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