Dec २९, २०२० २१:४६ Asia/Kolkata
  • अमरीकी, ज़ायोनी और सऊदी तिकड़ी ने यदि कोई भी ग़लती की तो फिर इसका अंजाम ख़ुद उन्हीं को भुगतना होगाः सैयद हसन नसरुल्लाह

हिज़बुल्लाह के महासचिव ने अपने चार घंटे के हालिया इन्टरव्यू में कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं।

लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन हिज़बुल्लाह के महासचिव ने अलमयादीन टीवी चैनेल को दिये हालिया इन्टरव्यू में स्पष्ट किया है कि वाइट हाउस से ट्रम्प की रवानगी से पहले अगर अमरीकी, ज़ायोनी और सऊदी तिकड़ी ने कोई भी ग़लती को तो फिर उनको इसका अंजाम ख़ुद ही भुगतना होगा।

सैयद हसन नसरुल्लाह के चार घंटे लंबे इन्टरव्यू को अगर कोई सुनता है तो वह पिछले 15 वर्षों के दौरान मध्यपूर्व के परिवर्तनों और उनकी पृष्ठभूमि को सही ढंग से समझ सकता है।  संसार विशेषकर मध्यपूर्व की वर्तमान परिस्थतियों के दृष्टिगत, हिज़बुल्लाह के महासचिव के इस साक्षात्कार को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।  जैसाकि सब जानते हैं कि जनरल क़ासिम सुलैमानी और अबूमेहदी अलमोहंदिस की शहादत की बरसी 3 जनवरी को होगी।  इस बीच ज़ायोनी तथा पश्चिमी संचार माध्यम इस प्रकार का प्रचार कर रहे हैं कि मानो ईरान, इसी दौरान इन शहीदों का बदला लेना चाहता है।  हालांकि जनरल क़ासिम सुलैमानी और अबूमेहदी अलमोहंदिस पर किये गए कायराना हमले के तत्काल बाद एनुल असद में अमरीका की सैन्य छावनी पर मिसाइल से हमला किया गया था।

ऐसा लग रहा है कि ट्रम्प के सत्ता से जाने के बाद नेतनयाहू और बिन सलमान अपने भविष्य को बहुत ही अंधकारमय देख रहे हैं।  यही कारण है कि वे ट्रम्प को किसी कार्यवाही के लिए उकसा रहे हैं।  इसी के परिप्रेक्ष्य में बग़दाद में अमरीकी दूतावास पर मिसाइल हमले को ईरान और उसके दोस्तों को जोड़ा जा रहा है।  ऐसी स्थिति में सैयद हसन नसरुल्लाह का बयान बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि ट्रम्प सरकार और ज़ायोनी शासन ने अगर कोई भी ग़लती को तो फिर उनकी खैर नहीं है।  यह बात भी स्पष्ट है कि एसी स्थिति में इनको उकसाने वाले अर्थात सऊदी शासन को भी भुगतान भुगतना पड़ेगा।  हिज़बुल्लाह का कहना है कि किसी भी ग़लती पर प्रतिरोध के केन्द्र का जवाब, बहुत ही सटीक और व्यापक होगा। 

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