Jan १७, २०२१ २१:४६ Asia/Kolkata
  • इमाम अली रज़ा (अ) के पवित्र रौज़े पर अमरीकी प्रतिबंध अस्वीकार्य है, हिज़्बुल्लाह और दुनिया भर के शिया संगठनों की चेतावनी

लेबनान और दुनिया भर के शिया मुस्लिम संगठनों ने ईरान के पवित्र शहर मशहद में स्थित शिया मुसलमानों के आठवें इमाम रज़ा (अ) के रौज़े का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट, आस्ताने क़ुद्से रज़वी (AQR) पर अमरीकी प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना की है।

ग़ौरतलब है कि बुधवार को अमरीका के ट्रेज़री मंत्रालय ने आस्ताने क़ुद्से रज़वी और उसके संरक्षक अहमद मरवी को ब्लैक लिस्ट करने का एलान किया था।

अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने दावा किया है कि इस संस्था ने ईरानी अधिकारियों को ईरान की आर्थिक प्रणाली का शोषण करने के लिए सक्षम बनाया है।

इन प्रतिबंधों से अमरीका में इस धार्मिक संस्था के बैंक खाते फ़्रीज़ हो जायेंगे और संपत्ति ज़ब्त कर ली जाएगी और अमरीकी इसके साथ व्यापार नहीं कर सकेंगे।

हिज़्बुल्लाह के मीडिया रिलेशन ऑफ़िस ने एक बयान जारी करके कहा है कि अमरीका राजनीतिक मतभेदों की सभी सीमाएं लांघ चुका है और अब वह धार्मिक पवित्र स्थलों के प्रति शत्रुता की घोषणा कर रहा है। इससे पता चलता है कि अमरीकी प्रशासन का पूर्ण रूप से नैतिक पतन हो चुका है।

हिज़्बुल्लाह का कहना था कि वाशिंगटन के इस क़दम से स्पष्ट है कि अमरीकी विदेश मंत्री नफ़रत से भरे हुए हैं और जैसे जैसे ट्रम्प प्रशासन अपने अंत की ओर बढ़ रहा है, वैसे वैसे उनका पागलपन बढ़ता जा रहा है।

मशहद स्थित इमाम अली रज़ा (अ) का पवित्र रौज़ा, एक पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां दुनिया भर से हर साल करोड़ों ज़ायरीन, ज़ियारत करने पहुंचते हैं।

लेबनान समेत कई देशों के विभिन्न संगठनों ने अमरीका से मांग की है कि अपनी ग़लती में तुरंत सुधार करे और इस संस्था को ब्लैक लिस्ट से निकाले।

इन संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र संघ और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अमरीका के इस क़दम की आलोचना करने की मांग की है। msm

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