Jan २४, २०२१ ०८:४३ Asia/Kolkata

इराक़ी गुट अलवादुल हक़ ने सऊदी अरब के विरुद्ध ड्रोन अभियान की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली है।

एक इराक़ के प्रतिरोधकर्ता गुट ने कहा है कि शनिवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ में होने वाला हमला, इस गुट ने अंजाम दिया था जो बग़दाद आतंकी धमाकों के शहीदों के ख़ून का बदला था।

इराक़ी प्रतिरोधकर्ता गुट अलवादुल हक़ ब्रिगेड ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी करके शनिवार को रियाज़ में होने वाले ड्रोन हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली है।

सऊदी अरब के नेतृत्व में यमन पर हमला करने वाले गठबंधन ने शनिवार को दोपहर को दावा किया था कि रियाज़ पर उड़ने वाले एक दुश्मन लक्ष्य को इन्टरसेप्ट करके तबाह कर दिया गया था।

सऊदी गठबंधन ने यह नहीं बताया कि यह ड्रोन हमला था या मीज़ाइल हमला लेकिन उसने यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह पर इस हमले का आरोप लगाया था। सोशल मीडिया पर सक्रिया कुछ कार्यकर्ताओं ने इस हमले की पुष्टि करते हुए वीडियो क्लिप जारी की थी।

यमन की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता ने इस दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कड़ाई से इसका खंडन किया और कहा कि यमन की सशस्त्र सेना ने पिछले 24 घंटे के दौरान हमलावरों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की।
इराक़ी प्रतिरोधकर्ता गुट अलवादुल हक़ ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक बयान जारी करके कहा कि क्षेत्रीय राष्ट्र के विरुद्ध अपराध और फ़ार्स की खाड़ी के अरब शासकों के विस्तारवाद तथा दाइश व तकफ़ीरी आतंकवादियों के जारी समर्थन के बाद हमने अपने वादों पर अमल किया और भयावह ड्रोन आले सऊद की ओर भेजा और यमामा महल और अन्य दूसरे लक्ष्यों को निशाना बनाया।  ज्ञात रहे कि यमामा महल सऊदी नरेश और क्राउन प्रिंस के रहने की जगह है।  

इराक़ी प्रतिरोधकर्ता गुटों ने बल दिया कि कल का ड्रोन अभियान एक शुरुआत है। इस इराक़ी गुट का कहना है कि यह हमला, बग़दाद के आतंकी हमलों के शहीदों का बदला है और अगर बिन सलमान और बिन जाएद की ओर से इस प्रकार के आतंकी हमले जारी रहे तो अगला निशाना शैतानों का अड्डा दुबई होगा। (AK)

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