Jan २६, २०२१ १३:१२ Asia/Kolkata
  • बिन सलमान के तख़्त पर सीआईए की नज़र, एजेन्टों को है पहल का इंतज़ार, विरोधी उठें तो होगी बड़ी कार्यवाही..

अमरीका की कुख्यात ख़ुफ़िया एजेन्सी सीआईए के पूर्व कर्मियों का कहना है कि अगर सऊदी क्राउन प्रिंस के विरोधी राजकुमार, बिन सलमान की हत्या या उनके विरुद्ध विद्रोह की योजना पेश करते हैं तो अमरीकी अधिकारी कम से कम उनकी बात तो सुनेंगे।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा और गुप्तचर विषयों पर नज़र रखने वाली अमरीका की एक वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि सीआईए इस वक़्त इस बात की समीक्षा कर रही है कि बाइडन सरकार, सऊदी अरब के साथ कैसा बर्ताव करती है।

जोनाथन ब्राडर ने स्पाई टॉक नामक वेबसाइट में लिखा कि सीआईए के बहुत से कर्मी दसियों साल से पश्चिमी एशिया में सक्रिय हैं और यह सवाल भी उनके मन में कई बार उठ चुका है कि बिन सलमान के विरुद्ध होने वाले विद्रोह के समय क्या बाइडन सरकार, उनका समर्थन करेगी या नहीं।

जोनाथन लिखते हैं कि यह बात खुलकर नहीं कह सकते कि इसकी उम्मीद नहीं है। सीआईए के कर्मी डगलस लंदन 34 साल से पश्चिमी एशिया में सक्रिय है और उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस के विरुद्ध विद्रोह के बारे में बात करते हुए कहा कि यह तो हमारा काम है, कम से कम उस बात पर तो ध्यान दें जो सऊदी सरकार के विरोधियों के मन में है।

लेकिन पश्चिमी एशिया में सीआईए के एक अन्य एजेन्ट बोरिस रेडिल का कहना है कि जो बाइडन सरकार इस प्रकार की योजनाओं में बहुत सावधानी बरतती है। उनका कहना है कि सीआईए के एजेन्ट, सऊदी सरकार के विरुद्ध विद्रोह करने वालों से मुलाक़ात तो कर सकते हैं लेकिन ख़ुद तख़्ता नहीं उलट सकते।

बोरिस रेडिल का कहना है कि बिन सलमान के पास दो रास्ते हैं, पहला यह कि जो बाइडन ख़ुद सऊदी नरेश से बात करें और उन्हें यह यक़ीन दिला दें कि उनके पुत्र के बर्ताव से सऊदी अरब की दुनिया और अमरीका में बहुत बदनामी हो रही है, यह विकल्प ज़्यादा नज़दीक नहीं है और यह संभव नहीं है कि सऊदी नरेश अपने उतराधिकारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही करें और उनको पता है कि वाशिंग्टन के पास बिन सलमान को स्वीकार करने और उनके साथ सहयोग के अलावा कोई चारा नहीं है।  

दूसरा रास्ता, विद्रोह या बिन सलमान की हत्या है। सऊदी राजकुमार बिन सलमान की हत्या करना चाहते हैं, चाहे अमरीका समर्थन करे या न करे लेकिन यह काम बहुत सख़्त है, क्राउन प्रिंस की सुरक्षा में विशेष फ़ोर्स है, दूसरी बात यह है कि वह ज़्यादातर नियोम शहर में दिन गुज़ारते हैं, जहां कोई परिंदा पर भी नहीं मार सकता और कोई रहता भी नहीं है। अपुष्ट रिपोर्टों में बताया गया है कि अब तक बिन सलमान पर तीन बार जानलेवा हमला हो चुका है और हर बार वह बचने में सफल रहे हैं।

स्पाइ टॉक वेबसाइट अपनी रिपोर्ट में लिखती है कि बिन सलमान के बारे में जो बाइडन का नज़रिया सभी को पता है। जब सीआईए ने रिपोर्ट दी कि ख़ुद बिन सलमान ने विरोधी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या का आदेश जारी किया था तो उस वक़्त बाइन ने सऊदी क्राउन प्रिंस बिन सलमान को एक अपराधी क़रार दिया था।

अमरीका की नेश्नल इंटेलिजेंस संस्था के प्रमुख आवरिल हेन्ज़ ने वचन दिया था कि जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या के बारे में सीआईए के दस्तावेज़ों को लीक करेंगे। इसका मतलब यह है कि अमरीकी सरकार आधिकारिक रूप से बिन सलमान को जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या का ज़िम्मेदार ठहराएगी और इससे बिन सलमान का कैरियर दांव पर लग सकता है। (AK)

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