Feb २०, २०२१ ११:३९ Asia/Kolkata

संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार आयोग ने संयुक्त अरब इमारात से मांग की है कि दुबई के शासक की बेटी राजकुमारी लतीफ़ा बिन्ते मुहम्मद आले मकतूम के ज़िंदा और स्वस्थ्य होने का प्रमाण पेश करे।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र संघ ने शुक्रवार को एक बयान जारी करके यह मांग की है। यह मांग ऐसी स्थिति में है कि एक सप्ताह पहले दुबई के शासक की बेटी लतीफ़ा ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा था कि उनके पिता और उनके घर वालों ने उनको बंधक बना रखा है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार आयुक्त मिशल बाचला ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ लतीफ़ा के परिवार से मांग करता है कि वह उनके स्वस्थ्य होने का प्रमाण पेश करें।

बाचला की प्रवक्ता एलिज़ाबेथ ट्रसेल ने शुक्रवार को स्वीडन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि हमने जो वीडियो देखा वह चिंताजनक थी और हम तलीफ़ा की स्थिति के बारे में पारदर्शी ब्योरा पेश करने की मांग की है।

इसी मध्य लंदन में संयुक्त अरब इमारात के दूतावास ने शुक्रवार को एक बयान जारी करके कहा है कि राजकुमारी लतीफ़ा अपने परिवार की निगरानी में हैं और उनकी निगरानी विशेषज्ञों और चिकित्सकों की टीम कर रही है।

इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जान्सन ने बुधवार को राजकुमारी लतीफ़ा बिन्ते मुहम्मद आले मकतूम की स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने एक बयान में कहा था कि हम देख रहे हैं कि मामला क्या है और यह देखते हैं कि क्या होगा, हम इस मामले पर नज़र रखे हुए हैं।

मंगलवार को ब्रिटिश समाचार एजेन्सी बीबसी ने दुबई के शासक की बेटी राजकुमारी लतीफ़ा का एक वीडियो जारी किया था जिसमें वह स्वयं के बंधक होने और अपनी जान के ख़तरा होने की बात कह रही हैं।

34 वर्षीय राजकुमारी लतीफ़ा ने 2018 में फ़्रांस के एक पूर्व जासूस के साथ समुद्री रास्ते से भागने के लिए उनका इन्तेज़ार कर रही थीं कि इमारात के कमान्डोज़ ने उनको गिरफ़्तार कर लिया था। (AK)

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