Feb २५, २०२१ ११:०३ Asia/Kolkata
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के पास यमन की घेराबंदी की आलोचना करने का नहीं है साहसः अंसारुल्लाह

यमन के लोकप्रिय जनांदोलन अंसारुल्लाह के प्रवक्ता ने यमनी राष्ट्र पर हमला करने वालों के मुक़ाबले में प्रतिरोध के रास्ते को जारी रखने पर बल देते हुए कहा है कि, संयुक्त राष्ट्र संघ के पास इतना साहस नहीं है कि वह यमन की घेराबंदी की आलोचना कर सके।

समाचार चैनल अलमसीरा की रिपोर्ट के मुताबिक़, यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह के प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुस्सलाम ने मारिब प्रांत में जारी भीषण युद्ध को हमलावरों के ख़िलाफ़ इस राष्ट्र की प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि, यमन पर विदेशी गठबंधन की ओर से हमला किया गया है और इस अतिक्रमणकारी गठबंधन के अत्याचार केवल यमन की घेराबंदी और आम लोगों पर हर दिन किए जाने वाले पाश्विक हमलों तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसने मारिब प्रांत को यमनी नागरिकों पर हमला करने के लिए अपना अड्डा बना लिया है।

अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुस्सलाम

अंसारुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा कि, एक ओर जब यमनी राष्ट्र अपने रक्षा के लिए हमलावरों के मुक़ाबले में खड़ा हो रहा है तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मारिब में जारी युद्ध की आलोचना की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे लोग जो यमन पर हमला करने वालों के ख़िलाफ़ कभी मुंह नहीं खोलते, वहीं जब यमनी जनता अपनी रक्षा के लिए खड़ी होती है तो उसका विरोध करने लगते हैं। अब्दुस्सलाम ने कहा कि यमनी राष्ट्र पर युद्ध थोपा गया है जबकि हम हमेशा से शांति की अपील करते आए हैं।

अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रवक्ता ने यमन पर पाश्विक हमलों और उसकी घेराबंदी पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी की निंदा की और कहा कि, यमन की घेराबंदी अमेरिका के सहयोग से जारी है और यमनी राष्ट्र कभी भी इस अत्याचार के मुक़ाबले में चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि, यमन में युद्धविराम केवल ज़बानी न हो बल्कि वास्तविक तौर पर युद्धविराम लागू किया जाना चाहिए। अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रवक्ता ने कहा कि, हमलावर ताक़तों को राजनीतिक और सैन्य रूप से हार का सामना करना पड़ा है और साथ ही मानवीय रूप से भी उनके अंदर गिरावट आई है।

उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब ने अमेरिका, संयुक्त अरब इमारात और अन्य कई देशों एवं अवैध ज़ायोनी शासन के साथ मिलकर मार्च 2015 से यमन पर पाश्विक हमला करना आरंभ किया था। सऊदी गठबंधन ने यमन की ज़मीनी, हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रखा है। इस युद्ध में अब तक 16 हज़ार यमनियों की मौत हो चुकी है और दसियों हज़ार लोग घायल हो चुके हैं। मरने वालों में ज़्यादातर यमनी महिलाएं और बच्चे हैं। (RZ)

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