Mar ०५, २०२१ २२:५७ Asia/Kolkata
  • जनरल सुलेमानी के प्रयासों के कारण ही आज पोप बग़दाद में सुरक्षित हैं

ईरानी सांसद के विशेष सलाहकार व पूर्व उप विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने शुक्रवार को ट्वीट करके कहा है कि पोप फ़्रांसिस बग़दाद पहुंच चुके हैं। लेकिन अबू मेहदी अल-मोहंदिस, जनरल सुलेमानी और दाइश के ख़िलाफ़ लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले दूसरे शहीदों की अगर क़ुर्बानियां नहीं होतीं तो पोप शांति और सुरक्षा के साथ इराक़ में प्रवेश नहीं कर सकते थे।

अमीर अब्दुल्लाहियान का कहना था कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों की मौजूदगी और व्हाइट हाउस के हस्तक्षेप के कारण आज भी यह क्षेत्र अशांत और अस्थिर है।

ग़ौरतलब है कि दाइश और दूसरे आतंकवादी गुटों की पराजय में अहम भूमिका निभाने वाले ईरानी कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी को अमरीका ने जनवरी 2020 में बग़दाद एयरपोर्ट के निकट ड्रोन हमले में शहीद कर दिया था।

शुक्रवार को पोप फ़्रांसिस अपनी पहली यात्रा पर इराक़ की राजधानी बग़दाद पहुंचे हैं। इराक़ की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वे पवित्र शहर नजफ़ में शिया मुसलमानों के वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाह सैय्यद अली सीस्तानी से भी मुलाक़ात करेंगे।

पोप की इराक़ यात्रा से संबंधित कई हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रैंड कर रहे हैं, जिन पर कमेंट करते हुए लोग आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में शहीदों की क़ुर्बानियों को याद कर रहे हैं।

पोप फ़्रांसिस ने अपनी इराक़ यात्रा से ठीक पहले एक ट्वीट करके लोगों से इस आध्यात्मिक यात्रा की सफलता के लिए दुआ की अपील की थी।

बग़दाद में इराक़ी राष्ट्रपति बरहम सालेह ने पोप के स्वागत में एक समारोह का आयोजन किया, जिसमें पोप का कहना था कि इराक़ वर्षों से आतकंवाद और अतिवाद का शिकार है, इसने लोगों के दिलों को ज़ख़्मी किया है।

उन्होंने बताया कि वे शांति का संदेश लेकर इराक़ पहुंचे हैं और इस देश में शांति की स्थापना के लिए ईश्वर से दुआ करते रहे हैं। msm

टैग्स