Apr ०९, २०२१ १४:४२ Asia/Kolkata
  • ह्यूमन राइट्स वाॅचः फ़िलिस्तीनी जनता के ख़िलाफ़ इस्राईली हमले, युद्ध अपराध से बढ़ कर हैं।

एक अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ने कहा है कि ज़ायोनी शासन की सेना ने फ़िलिस्तीनियों पर जो हमले किए हैं, वे युद्ध अपराध की सीमा लांघ कर मानवता के ख़िलाफ़ अपराध की सीमा में दाख़िल हो गए हैं।

ह्यूमन राइट्स वाॅच ने अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय आईसीसी से इस्राईल के असहयोग की कड़ी आलोचना की है। आईसीसी ने हाल ही में बताया था कि उसने वर्ष 1967 के अवैध अधिकृत इलाक़ों में इस्राईल के संभावित युद्ध अपराधों के बारे में जांच शुरू कर दी है।

ह्यूमन राइट्स वाॅच ने ज़ोर देकर कहा है कि आईसीसी से सहयोग न करने का ज़ायोनी शासन का फ़ैसला इस वजह से है कि इस सरकार के अधिकारी अच्छी तरह जानते हैं कि ज़ायोनी सेना ने ऐसे हमले किए हैं जो युद्ध अपराध की सीमा लांघ कर मानवता के ख़िलाफ़ अपराध की श्रेणी में आ चुके हैं।

याद रहे कि इस्राईल के प्रधानमंत्री बेनयामिन नेतनयाहू ने गुरुवार को दावा किया था कि आईसीसी के पास इस प्रकार की जांच आरंभ करने का अधिकार नहीं है और तेल अवीव उससे सहयोग नहीं करेगा।

ह्यूमन राइट्स वाॅच ने अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय से अपील की है कि वह इस्राईल के ख़िलाफ़ यह जांच शुरू करे और राजनैतिक दबाव में न आए। संस्था ने आईसीसी से कहा है कि वह इन अपराधों के दोषियों को बच कर निकलने न दे। (HN)

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर  पर हमें फ़ालो कीजिए

टैग्स