Mar २२, २०२० १९:२२ Asia/Kolkata
  • विज्ञान की डगर ईरान का सफ़रः ईरानी वैज्ञानिकों के लेख विज्ञान जगत में छाए हुए हैं, जबकि ईरान में नालेज बेस्ड कंपनियों की तादाद 2 हज़ार 453 हो चुकी है

इस्लामी क्रान्ति की सफलता के 41 साल में ईरान ने विज्ञान व प्रौद्योगी के क्षेत्र में एक से बढ़ कर एक कारनामे अंजाम दिए हैं।

विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास का एक पैमाना वैज्ञानिक लेख हैं। इस दृष्टि से ईरान ने काफ़ी तरक़्क़ी की है। आज ईरान के 200 से ज़्यादा वैज्ञानिकों व शिक्षकों के लेख विज्ञान जगत में छाए हुए हैं। 1978 में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक हल्क़ों में ईरान के लेख की तादाद 440 थी लेकिन 2017 में यह तादाद सिटेशन डेटाबेस स्कोपस में 48 हज़ार 345 और वेब आफ़ साइंस एसआईएस में यह तादाद 40 हज़ार 33 लेख थी।

दुनिया में वैज्ञानिक तरक़्क़ी में ईरान की भागीदारी

 

इस तरह ईरान का 1978 में दुनिया में विज्ञान की तरक़्क़ी में कुल योगदान दश्मलव 1 फ़ीसद था जो 2017 में बढ़ कर 1 दश्मलव 81 फ़ीसद पहुंच गया है। प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक़, स्कोपस और आईएसआई डेटाबेस में दुनिया में ईरान का वैज्ञानिक स्थान 16 है जबकि इस्लामी क्रान्ति से पहले इस अंतर्राष्ट्रीय सिटेशन डेटाबेस में ईरान का कोई स्थान नहीं था।

दुनिया में विज्ञान के विकास में ईरान की भागीदारी में 180 गुना वृद्धि और पिछले 38 साल में ईरानी वैज्ञानिकों के लेख की तादाद में 55 गुना वृद्धि इस मज़बूत वृक्ष में विकास को दर्शाती है। इस्लामी क्रान्ति के आरंभ तक ईरान की किसी भी यूनिवर्सिटी का नाम दुनिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों की सूचि में नहीं था, लेकिन अब ईरानी यूनिवर्सिटियां अंतर्राष्ट्रीय दर्जाबंदी व्यवस्था में शामिल हैं और टाइम्ज़ की दर्जाबंदी में ईरान की 8 यूनिवर्सिटियां शामिल हैं। इसी तरह दुनिया में रिसर्च संस्थाओं और प्रभावी यूनिवर्सिटियों में ईरान की मेडिकल साइंस की 10 यूनिवर्सिटियां व रिसर्च सेंटर, 8 औद्योगिक यूनिवर्सिटियां और 2 डिसेन्ट्रालाइज़्ड यूनिवर्सिटियां शामिल हैं।

ईरान में वैज्ञानिक तरक़्क़ी

 

ईरान में यूनिवर्सिटियों और स्टूडेंट्स की तादाद भी बहुत बढ़ी है। 1978 में ईरान में यूनिवर्सिटियों व उच्च शैक्षिक केन्द्रों की कुल तादाद जिनमें सरकारी और ग़ैर सरकारी दोनों शामिल हैं, 223 थी जो 2016 में बढ़ कर 2983 हो गयी। इसी तरह सन 1978 में ईरान में यूनिवर्सिटी के स्टूडेन्ट्स की कुल तादाद 1 लाख 75 हज़ार 675 थी जो 2016 में 43 लाख 48 हज़ार 383 पहुंची। इसी तरह विज्ञान की तरक़्क़ी में विशेषज्ञ स्तर की शिक्षा हासिल करने वाले स्टूडेन्ट्स की तादाद भी काफ़ी बढ़ी है। सन 1978 में ईरान में पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों की तादाद 6 हज़ार 340 थी जो 2016 में बढ़ कर 7 लाख 74 हज़ार 766 हो गयी। इसी तरह डाक्ट्रेट करने वाले स्टूडेंट्स की तादाद सन 1978 में 1 हज़ार 255 थी जो 2016 में बढ़कर 1 लाख 15 हज़ार 191 हो गयी।

ईरानी छात्रों की तादाद में वृद्धि

इसी तरह सरकारी व ग़ैर सरकारी यूनिवर्सिटियों और उच्च शैक्षिक केन्द्रों में परमानेन्ट फ़ैकल्टी मेंबर की तादाद सन 1978 में 5 हज़ार 580 थी जो 2016 में बढ़ कर 80 हज़ार 97 हो गयी। 

कुछ वैज्ञानिक आंकड़ों की समीक्षा से पता चलता है कि इस्लामी क्रान्ति के शुरुआत के साल में अंतर्राष्ट्रीय दर्जाबंदी में ईरान का कोई नाम नहीं था लेकिन आज दुनिया में सिटेशन डेटाबेस स्कोपस में 16वें और आईएसआई में 19वें पायदान पर है।

यूनिवर्सिटियों में बेसिक साइंस के विषयों में ईरान ने बहुत तरक़्क़ी की है। इंजीनियरिंग, केमिस्ट्री, मटीरियल साइंस, गणित, कृषि विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, फ़ार्माकोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी, माइक्रोबयॉलोजी, बॉटनी, ज़ूलॉजी और फ़िज़िक्स में पूरी दुनिया में क्वालिटी की दृष्टि से ईरानी वैज्ञानिकों का योगदान अवसत से ज़्यादा रहा है।

ईरानी छात्र और अनेक आविष्कार

 

इंजीनियरिंग, केमिस्ट्री, मटीरियल साइंस, गणित, कृषि विज्ञान और कंप्यूटर साइंस में पूरी दुनिया के सिटेशन लेखों में ईरान के सिटेशन लेखों की तादाद सबसे ज़्यादा रही है। इंजीनियरिंग में 3 फ़ीसद, गणित, मटीरियल साइंस, और केमिस्ट्री में लगभग 2 फ़ीसद, कृषि विज्ञान और कंप्यूटर साइंस में लगभग 1 फ़ीसद रही है।

जैसाकि दुनिया में वैज्ञानिक विकास का एक पैमाना वैज्ञानिक व रीसर्च जर्नल्ज़ हैं जिसमें ईरान में 59 गुना वृद्धि हुयी है। इस्लामी क्रान्ति के आरंभ में सिर्फ़ बीस जर्नल्ज़ निकलते थे और 2016 में इनकी तादाद बढ़कर 1047 पहुंच गयी। सन 1978 में ईरान में रीसर्च संस्थाओं की तादाद 83 थी जिनके लाइसेंस का स्वरूप अगल अलग था कुछ को पक्का लाइसेंस हासिल था तो कुछ को अस्थायी रूप से लाइसेंस हासिल था लेकिन अब इस देश में रीसर्च संस्थाओं की तादाद 686 पहुंच गयी है।

इस्लामी क्रान्ति के बाद से अब तक विज्ञान व प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने वाले सेंटर की तादाद 177, विज्ञान व प्रौद्योगिकी पार्क की तादाद 39, सेन्ट्रलाइज़्ड व डिसेन्ट्रलाइज़्ड लैब की तादाद 1 हज़ार 452, उच्च शैक्षिक केन्द्रों में सेन्ट्रलाइज़्ड लैब की तादाद 131 है। इसी तरह शिक्षा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त लैब की तादाद 12 हज़ार 594 है।

ईरानी यूनिवर्सिटियां और छात्रों की  भीड़

 

इस समय ईरान में एचएसई स्टैन्डर्ड वाली 60 यूनिवर्सिटियां और नालेज बेस्ड कंपनियां 964 हैं। पूरे ईरान में विज्ञान व प्रौद्योगिकी पार्क में 3 हज़ार 9 प्रौद्योगिकी की इकाई हैं और 5 विशेष क्षेत्र विज्ञान व प्रौद्योगिकी के लिए क़ायम किए गए हैं।           

नालेज बेस्ड कंपनियों का वजूद, इस्लामी क्रान्ति की बहुत अहम उपलब्धि है। इस तरह की कंपनियों के वजूद से ईरान में यूनिवर्सिटियों से ग्रेजुएट हो चुके स्टूडेंट्स को इस बात का मौक़ा मिला है कि वे आविष्कार या विज्ञान के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें।

नालेज बेस्ट कंपनियां अर्थव्यवस्था की रौनक़ का माध्यम

 

विज्ञान व प्रौद्योगिकी पार्क में नालेज बेस्ड कंपनियों की स्थापना का उद्देश्य विचारों को व्यापारिक रूप देना है। इस आधार पर विज्ञान व प्रौद्योगिकी के पार्कों में सीधे तौर पर 30 हज़ार रोज़गार के अवसर मुहैया हुए और इस दौरान नालेज बेस्ड कंपनियों के निर्यात का स्तर 4 अरब 29 करोड़ 30 लाख पहुंच गया। इस समय ईरान में पंजीकृत नालेज बेस्ड कंपनियों की तादाद 2 हज़ार 453 हो चुकी है।

नालेज बेस्ड उत्पाद का अनावरण

 

इसी तरह अब तक उद्योग, यूनिवर्सिटी, शोध केन्द्र और प्रौद्योगिकी के बीच आपस में 3 अरब 811 अरब रियाल मूल्य के समझौते हो चुके हैं। विज्ञान व प्रौद्योगिकी के पार्कों और सेंटरों में अब तक 1 हज़ार 52 प्रकार की प्रौद्योगिकी विकसित हुयी है कि इनमें से 57 प्रकार की प्रौद्योगिकी निर्यात हुयी है। इन केन्द्रों में 750 तरह के आयडियाज़ को पंजीकृत किया गया जिनमें से 550 आइडियाज़ व्यापारिक रूप अख़्तियार कर चुके हैं। प्रौद्योगिकी की 69 इकाइयां, पार्कों व विज्ञान केन्द्रों से निकल चुकी हैं और इन केन्द्रों में 148 प्रकार के आविष्कार पंजीकृत हुए हैं। दोस्तो आपने अब तक जो सुना वह ईरान में इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद की उपलब्धियों का छोटा सा भाग था।

 

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