Jun २३, २०२१ ०८:३५ Asia/Kolkata
  • इमरान ख़ान ने अमेरिका के लिए कह दी ऐसी बात कि बाइडन की बढ़ गई चिंता! अब युद्ध नहीं शांति चाहता है पाकिस्तान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य कार्यवाही के लिए पाकिस्तान के भीतर अमेरिकी सैन्य ठिकाने बनाने की इज़ाजत देने की संभावना को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर इस्लामाबाद वॉशिंग्टन को सैन्य ठिकाने बनाने की इजाज़त दे भी दे तब भी अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान में नहीं जीत सकता है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि, पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान युद्ध के दौरान अब तक भारी क़ीमत चुकाई है, लेकिन अब और क़ीमत चुकाने के लिए पाकिस्तान बिल्कुल तैयार नहीं है। इमरान ख़ान ने पाकिस्तान में अमेरिकी सैन्य बेस को इजाज़त न देने के पीछे कारण बताया कि, यदि हम ऐसी जगह सैन्य ठिकाने बनाने के लिए तैयार हो जाते हैं, जहां से अफ़ग़ानिस्तान पर बम बरसाए जाएंगे तो अफ़ग़ानिस्तान में गृह युद्ध छिड़ जाएगा। ऐसे में चरमपंथी गुट बदले की भावना से पाकिस्तान को फिर से निशाना बनाएंगे। इससे पहले 9/11 हमले के बाद अफ़ग़ानिस्तान में संयोजन के लिए पाकिस्तान ने देश में सैन्य ठिकानों की मंज़ूरी दी थी। उन्होंने स्पष्ट रूप से सवाल किया कि, जो काम अमेरिका 20 साल में नहीं कर पाया, वह अब कैसे कर लेगा। इमरान ख़ान ने कहा कि अमेरिका कभी भी अफ़ग़ानिस्तान में नहीं जीत सकता है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पूछा कि, अमेरिका के पास सबसे ज़्यादा ताकतवर सैन्य मशीनरी है, वह भी अफ़ग़ानिस्तान में रहकर 20 साल में युद्ध नहीं जीत पाया तो फिर वह हमारे देश में सैन्य ठिकानों से यह कैसे कर पाएगा। उन्होंने कहा, हम गृह युद्ध नहीं बल्कि बातचीत के ज़रिए शांति स्थापित करना चाहते हैं। हम ऐसा कोई ख़तरा मोल नहीं लेंगे जिससे संघर्ष और भड़के। इमरान ख़ान ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में युद्धरत धड़ों के बीच से एक को चुनकर पाकिस्तान ने पहले ग़लती की थी, लेकिन अब उसने अनुभव से सबक़ लिया है। उन्होंने कहा, इतिहास गवाह है कि अफ़ग़ानिस्तान को बाहर से क़ाबू नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध की पाकिस्तान को बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ी जिसमें 70,000 से अधिक पाकिस्तानी मारे गए।

ग़ौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इस सप्ताह के अंत में व्हाइट हाउस में अफ़ग़ान नेताओं के साथ बैठक करने वाले हैं। इमरान ख़ान ने पाकिस्तान में ऐसे अमेरिकी ठिकानों की प्रभाव क्षमता पर भी सवाल उठाए हैं। क्षेत्र में सैन्य ठिकाने बनाने के लिए अमेरिका की नज़र पाकिस्तान की ओर होने संबंधी ख़बरों के बीच इमरान ख़ान ने कहा है कि, हम पहले ही इसकी भारी क़ीमत चुका चुके हैं। अब हम पहले की ग़लती को दोहरा कर एक बार फिर से ख़तरा मोल नहीं ले सकते हैं। (RZ)

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