Jul २३, २०२१ १९:३२ Asia/Kolkata
  • शांति समझौते के लिए अफ़ग़ान राष्ट्रपति का पद छोड़ना ज़रूरीः तालेबान

तालेबान ने कहा है कि वह सत्ता पर एकाधिकार नहीं चाहते परंतु वह इस बात पर आग्रह करते हैं कि जब तक काबुल में नई सरकार का गठन न हो और राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी का पद खत्म न हो तब तक अफगानिस्तान में शांति स्थापित नहीं हो सकती।

तालेबान गुट के प्रवक्ता सुहैल शाहिन ने एक साक्षात्कार में तालेबान के दृष्टिकोण को बयान किया कि देश में आगे क्या हो सकता है। सुहैल शाहिन ने कहा कि जब अशरफ ग़नी की सरकार खत्म होगी और दोनों पक्षों के बीच स्वीकार्य बातचीत के बाद नई सरकार गठित हो जायेगी तो वह अपने हथियार डाल देंगे।

उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम सत्ता पर एकाधिकार पर विश्वास नहीं रखते हैं क्योंकि अतीत में अफगानिस्तान में एकाधिकार और मनमानी करने वाली सरकारें सफल नहीं रही हैं अतः हम इस बात को दोहराना नहीं चाहते हैं।

ात ो उसके बाद युद्ध नहीं होगा। ूसरे अफग़ानों को स्वीकार्य हो उसके बाद युद्ध नहीं होगा। ोने का दावा किया था और उसके बाद एक समझौत सुहैल शाहिन ने अशरफ़ ग़नी के सरकार करने के अधिकार को रद्द कर दिया और कहा कि वर्ष 2019 में होने वाले चुनाव में बड़े फ्राड हुए थे। ज्ञात रहे कि वर्ष 2019 में होने वाले चुनाव में मोहम्मद अशरफ़ ग़नी और उनके प्रतिस्पर्धी अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह दोनों ने अपने-अपने राष्ट्रपति होने का दावा किया था और उसके बाद एक समझौते के बाद अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह अफगानिस्तान के चीफ़ एजेक्टिव बने।

तालेबान गुट के प्रवक्ता ने वार्ता को एक अच्छा आरंभ बताया और कहा कि सरकारें बार- बार युद्धविराम का आह्वान करती हैं जबकि अशरफ ग़नी का सत्ता में बने रहना तालेबाना के हथियार रखने में बाधा है।

उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध विराम से पहले एक नई सरकार के लिए गठन के लिए समझौता होना चाहिये जो हमें और दूसरे अफग़ानों को स्वीकार्य हो उसके बाद युद्ध नहीं होगा। MM

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