Jul २४, २०२१ १२:४० Asia/Kolkata
  • तालेबान ने अमरीका के लिए काम करने वाले अनुवादक की गर्दन काटी, शर्त से पलटा तालेबान, अमरीका और यूरोप की तालेबान से अपील

तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिको के लिए काम करने वाले एक अफ़ग़ान अनुवादक की गोलियां मार कर हत्या कर दी।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार 32 वर्षीय अनुवादक सुहैल परदीस को तालेबान ने उस समय गोलियां मारीं, जब वह अपनी गाड़ी से काबुल-ख़ोस्त राजमार्ग पर यात्रा कर रहे थे।

कुछ ख़बरों में कहा गया है कि तालेबान ने उक्त अफ़ग़ान अनुवादक को गाड़ी से उतारने के बाद उसका गला चाक़ू से रेत दिया।

अफ़ग़ान अनुवादक की हत्या ऐसे समय में हुई कि जब तालेबान ने एलान किया है कि उनकी ओर से अमरीका के लिए काम करने वाले अफ़ग़ान अनुवादकों की जान को ख़तरा नहीं है।

अनेक अफ़ग़ान अनुवादकों का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों के निष्कासन और तालेबान के हमलों में तेज़ी के दृष्टिगत देश में उनकी जान सुरक्षित नहीं है।

दूसरी ओर तालेबान ने अपनी बात से पलटी मारते हुए कहा है कि युद्ध विराम के लिए अफ़ग़ान राष्ट्रपति के अपदस्थ होने की शर्त नहीं लगाई गयी है।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार क़तर में तालेबान के राजनैतिक कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद नईम वरदक ने कहा कि तालेबान ने युद्ध विराम के लिए अफ़ग़ान राष्ट्रपति के अपदस्थ होने की शर्त नहीं लगाई है। उनका कहना था कि तालेबान, अफ़ग़ानिस्तान के संकट को वार्ता द्वारा हल किए जाने का इच्छुक है।

क़तर में तालेबान के राजनैतिक कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद नईम वरदक का यह बयान ऐसे में सामने आया है कि इससे पहले तालेबान के वरिष्ठ वार्ताकार और प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने अपने एक इन्टरव्यू में कहा था कि वह सत्ता पर क़ब्ज़ा नहीं करना चाहते लेकिन वह इस बात पर बल देते हैं कि जब तब काबुल में नई सरकार का गठन नहीं हो जाता और राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी का पद समाप्त नहीं हो जाए तब तक अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापित नहीं हो सकेती।

सुहैल शाहीन ने कहा था कि जब अशरफ़ ग़नी की सरकार समाप्त होगी और  दोनों पक्ष के बीच स्वीकार्य वार्ता के बाद नई सरकार का गठन होगा तब वह सशस्त्र संघर्ष छोड़ेंगे।

दूसरी ओर यूरोपीय संघ और अमरीका ने तालेबान से हिंसा से बचने की मांग की है।

इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय संघ और अमरीका के प्रतिनिधियों ने तालेबान से मांग की है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा को कम करें।

अमरीका, यूरोपीय संघ, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, नैटो और ब्रिटेन के प्रतिनिधियों ने इटली की राजधानी रोम में एक बैठक की ताकि अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति और इस देश मे शांति के विषय पर विचार विमर्श करें।

यूरोपीय संघ और अमरीका ने हिंसा में वृद्धि, तालेबान के हमलों में तेज़ी और झड़पों वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। इस बयान में आया है कि दोनों पक्ष हिंसा में कमी लाएं और आम नागरिकों की रक्षा करें तथा अंतर्राष्ट्रीय व मानवीय क़ानूनों का सम्मान करें। (AK)

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