Jul २७, २०२१ १९:४४ Asia/Kolkata

नदी के पास स्थित घरों और घरों के पास खड़ी गाड़ियों का यह बुरा हाल हुआ है, बाढ़ इतना शक्तिशाली थी जिसका अनुमान मौसम विभाग भी नहीं लगा सका, पश्चिमी जर्मनी के 15 प्रांतों में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद की स्थिति। 

इतनी भीषण बाढ़ जिसने कुछ घंटे की ज़बरदस्त बारिश के बाद लोगों का सुख चैन छीन लिया। एक महिला का कहना है कि मैं साढ़े चार बजे शाम को घर पहुंची, भीषण बारिश हो रही थी, मैंने देखा पानी की सतह धीरे धीरे बढ़ रही है, मैंने निचले फ़्लोर का सामना उठाना शुरु किया, देखते ही देखते नदी का पानी उबलने लगा।

बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों और नदी के किनारे के इलाक़ों की साफ़ सफ़ाई के बाद कूड़े और बेकार चीज़ों का ढेर लगा गया है जिसे जल्द ही हटाए जाने की उम्मीद की जा रही है। बाढ़ ने दो प्रांतों के रेललाइन को बुरी तरह नुक़सान पहुंचाया है, जर्मनी के रेलवे विभाग ने अनुमान लगाया है कि बाढ़ ने कम से कम रेलवे को लगभग एक अरब 300 मिलियन यूरो का नुक़सान पहुंचाया है।

धीरे धीरे पानी के घटने और सड़कों की साफ़ सफ़ाई के बाद अब लोग सरकार की निश्चेतना और अन्य संस्थाओं की आलोचना कर रहे हैं। विश्व विद्यालय की एक महिला प्रोफ़ेसर का कहना है कि निश्चित रूप से कुछ लोग थे जिन्हें को वार्निग तक नहीं दी गयी, उन्हें पता नहीं था कि क्या करें, इससे पता चलता है कि वार्निग, सही ढंग से नहीं दी गयी थी।

टीकाकारों का कहना है कि पर्यावरण के बदलने की वजह से इस प्रकार की घटनाएं फिर से हो सकती हैं और उसकी रोकथाम की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किए जाने की ज़रूरत है, रोकथाम के तरीक़ों में संकट के प्रबंधन की नई शैलियों, नदियों के आसपास वार्निंग के नये सिस्टम, फ़ेडरल और प्रांतीय सरकारों की संकट के संबंध में ज़िम्मेदारियों की ओर संकेत किया जा सकता है। (AK)

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