Jul ३१, २०२१ १७:३५ Asia/Kolkata

यह अमरीका में डेल्टा के प्रभाव का नक़्शा है, लेकिन यह अमरीकी चुनावों के नक़्शे से ज़्यादा बड़ा नहीं है।

डेल्टा ने तबाही मचा रखी है, क्योंकि बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन और वैक्सीन लगाने के लिए लोगों के प्रोत्साहन के बावजूद, किसी न किसी वजह से लोगों की एक बड़ी संख्या वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार नहीं है। इसका एक उदाहरण सीडीसी की वह गाइडलाइन है, जिसमें कहा गया है कि वैक्सीनेटेड लोगों को भी मास्क लगाना चाहिए। टेड क्रूज़ टेक्सास राज्य से रिपब्लिकन के सेनेटर...

यह शत प्रतिशत राजनीति है, इसका विज्ञान से कोई लेना-देना नहीं है, इससे डेमोक्रेट्स के पाखंड का का पता चलता है, जो अमरीकी नागरिकों की आज़ादी को सीमित और निंयत्रित करना चाहते हैं।

अमरीका में रोग निंयत्रण केन्द्र की एक आंतरिक रिपोर्ट में कि जो मीडिया में लीक हो गई है, उल्लेख किया गया है कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट चिकिनपॉक्स की तरह फैलता है, वह वैक्सीनेटेड लोगों से उन लोगों तक फैल सकता है, जिन्हें अभी टीका नहीं लगा है। उसके फैलाव का प्रतिशत इतना ज़्यादा है कि वैक्सीन से हासिल होने वाले सुरक्षा कवच को भी तोड़ सकता है। लेकिन इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वैक्सीनेशन काफ़ी हद तक मौत के ख़तरे को कम कर देता है। डेल्टा में प्रभावित व्यक्ति के संक्रमित होने के लिए वायरस के कम कण भी काफ़ी होते हैं। बीमार की हालत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना भी ज़्यादा रहती है। संक्रमित लोगों में वायरस की काफ़ी मात्रा मौजूद रहती है, इसीलिए अब 13 दिन के बजाए, लोगों को 18 दिनों के लिए कोरंटीन किया जाना चाहिए। इसी तरह से अमरीका में रोग निंयत्रण केन्द्र की गाइडलाइन यही है कि मास्क लगाना चाहिए। कामरान नजफ़ज़ादे, आईआरआईबी न्यूज़ संयुक्त राष्ट्र संघ

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