Sep २२, २०२१ १८:३४ Asia/Kolkata

तालिबान ने अपनी अंतरिम सरकार के बाक़ी कई मंत्रालयों के लिए मंत्रियों के नामों का एलान करके लगभग अपनी सरकार की गठन की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है, लेकिन एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार के गठन को लेकर वह देश और विदेश में उठने वाली मांगों को पूरा नहीं करने में नाकाम रहे हैं।

... अफ़ग़ानिस्तान के पंजशीर प्रांत से व्यापार मंत्रालय की ज़िम्मेदारी एक ताजिक हाजी नुरुद्दीन अज़ीज़ी संभालेंगे। ...

विश्व समुदाय की तालिबान से कुछ ख़ास मांगे हैं, उनमें से एक ऐसी सरकार के गठन की मांग है, जिसमें आम जनता का प्रतिनिधित्व हो।

... अफ़ग़ानिस्तान के मामलों में रूस, चीन और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने एक दिन पहले तालिबान की अंतरिम सरकार के प्रमुख से मुलाक़ात की और उसके बाद पूर्व अफ़ग़ान सरकार के चीफ़ एक्ज़िटिव अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मुलाक़ात की।

एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार का गठन दोनों मुलाक़ातों में मुख्य मुद्दा रहा, यह ऐसा मुद्दा है कि जिसके कारण अभी तक किसी भी देश ने तालिबान सरकार को औपचारिकता प्रदान नहीं की है।

... तालिबान सरकार के गठन को एक से डेढ़ महीना हो गया है, लेकिन किसी भी देश ने अभी तक उसे मान्यता प्रदान नहीं की है और अफ़ग़ानिस्तान राजनीतिक अलगाव का शिकार है।

लेकिन तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता हासिल करने के लिए दोहा स्थित अपने कार्यालय के एक अधिकारी का नाम संयुक्त राष्ट्र संघ को दिया है, और मांग की है कि उसे राष्ट्र संघ महासभा के वार्षिक सम्मेलन में अफ़ग़ानिस्तान का प्रतिनिधि समझा जाए। इस बीच, अफ़ग़ानिस्तान में आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन ख़राब होती जा रही है, विश्व समुदाय की सहायता रुक गई है, कार्यालय बंद हैं और कारोबार भी लगभग ठप्प पड़ा है।

अफ़ग़ानिस्त की जनता की वर्तमान स्थिति को देखते हुए तालिबान ने विश्व समुदाय से मांग की है कि मानवीय सहायता को राजनीतिक मामलों से जोड़कर नहीं देखा जाए। बहनाम यज़दानी, आईआरआईबी, काबुल

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