Sep २६, २०२१ २०:५० Asia/Kolkata
  • अफ़ग़ानिस्तान जंग में अमरीका की किन कंपनियों ने कमाया सबसे ज़्यादा पैसा?

अमरीका की अफ़ग़ानिस्तान जंग उसकी सबसे लंबी जंग साबित होने के साथ ही सबसे महंगी जंग भी साबित हुई है।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के अनुसार अमरीका की यह जंग जो गत 30 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान से आख़िरी अमरीकी सैनिक के निकलने के बाद समाप्त हुई ब्राउन युनिवर्सिटी के कास्ट आफ़ वार प्रोजेक्ट के अनुसार इस पर अमरीकी ख़ज़ाने के अरबों डालर ख़र्च हो गए।

कास्ट आफ़ वार प्रोजेक्ट के अनुसार 2001 से 2021 के बीच अमरीका ने जितने पैसे इस जंग पर ख़र्च किए उसमें से आधी रक़म की अदायगी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी युद्ध मंत्रालय के अलग अलग आप्रेशनों के ख़र्चे पूरे करने के लिए की गई।

युनिर्सिटी आफ़ केलीफ़ोर्निया में कैनेडी स्कूल आफ़ गवर्नमेंट की प्रोफ़ेसर लिंडा ब्लम्ज़ का कहना है कि इस जंग में अमरीकी सेनाओं के अपने सैनिक और संसाधन बहुत कम थे अधिकतर उपकरण रक्षा कांट्रैक्टरों ने उपलब्ध कराए थे। अमरीकी सैनिकों की तुलना में कांट्रैक्टरों के सैनिकों की संख्य दुगनी थी।

अफ़ग़ानिस्तान में सुविधाए उपलब्ध कराने के लिए अमरका और अन्य देशों की सौ से अधिक कंपनियों को पेंटागोन की ओर से ठेके दिए गए इनमें कुछ कंपनियों ने इन ठेकों से अरबों डालर कमाए।

बास्टन युनिवर्सिटी में कास्ट आफ़ वार प्रोजेक्ट का हिस्सा 20 वर्षीय जंग मंसूबे की डायरेक्टर प्रोफ़ेसर हेदी पेल्टर ने अपने अनुमान के आधार पर कुछ जानकारियां दी हैं। उनका कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में तीन अमरीकी कंपनियां डेनकार्प, फ़्लोर और किलोग ब्राउन एंड रूट को बससे ज़्यादा बड़े ठेके मिले।

डेनकार्प कंपनी को कुल मिलाकर साढ़े चौदह अरब डालर के ठेके मिले। वहीं फ़्लोर कार्पोरेशन को अफ़ग़ानिस्तान में साढ़े तेरब अरब डालर के ठेके मिले।

पेल्टर के आंकड़ों के अनुसार बीआरको कंपनी को पेंटागोन से तीन अरब साठ करोड़ डालर के ठेके मिले।

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