Sep २८, २०२१ १०:४६ Asia/Kolkata
  • अफ़ग़ानिस्तान का बैंकिंग सेक्टर ध्वस्त होने की कगार, पर अर्थ व्यवस्था चरमरा गई

अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के सत्ता में पहुंचने के बाद इस देश का बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच चुका है।

नार्वे के शरणार्थी मामलों की समिति के प्रमुख जान अगलैंड का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के बैंकों में लिक्वीडिटी की भारी कमी है जिसकी वजह से बैंकिंग सेक्टर ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच गया है जिसके अफ़ग़ानिस्तान की अर्थ व्यवस्था पर बड़े विनाशकारी प्रभाव पड़ेंगे।

अगलैंड इस समय अफ़ग़ानिस्तान की यात्रा पर हैं, उन्होंने कहा कि इस देश की अर्थ व्यवस्था कंट्रोल से निकल गई है। उन्होंने कहा कि मुझे अफ़ग़ानिस्तान में एसे परिवार मिले हैं जो रोटी के टुकड़ों और चाय पर गुज़ारा कर रहे हैं।

अगलैंड ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की अर्थ व्यवस्था ध्वस्त होने से देश की जनता के जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ेगा क्योंकि मूलभूत सेवाएं भी ठप्प पड़ जाएंगी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ से मांग की कि अफ़ग़ानिस्तान की आर्थिक स्थिति में स्थिरता लाने के लिए लिक्विडिटी की समस्या फ़ौरन हल करे।

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